12 नवंबर: लोक सेवा प्रसारण दिवस
लोक सेवा प्रसारण दिवस (Public Service
Broadcasting Day) 12 नवंबर 2014 को देशभर में
मनाया गया. इसे वर्ष 1947 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के
नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी के स्टूडियो आने की स्मृति में मनाया जाता है. महात्मा
गांधी ने इस दिन पाकिस्तान से आकर कुरूक्षेत्र के शिविरों में रह रहे शरणार्थियों
को रेडियो पर संबोधित किया था.
12 नवंबर 1947 को महात्मा गांधी ने अपने लिखने और बोलने
के दो सशक्त माध्यमों के अलावा एक तीसरे माध्यम का पहली बार उपयोग किया था और वह
था आकाशवाणी से प्रसारण. इससे पहले उन्होंने कभी भी इस माध्यम का प्रयोग नहीं किया
था, और इसके बाद भी उन्होंने अपने जीवन में दोबारा इस माध्यम
का उपयोग नहीं किया. प्रत्येक वर्ष 12 नवम्बर 2013 को लोकसेवा प्रसारण दिवस मनाया जाता है. इस दिन आकाशवाणी दिल्ली इस
सिलसिले में कई कार्यक्रमों का आयोजन करती है.
ऑल इंडिया रेडियो, नई दिल्ली ने इस दिन
अपने परिसर में एक समारोह का आयोजन किया. इसके अलावा, ऑल
इंडिया रेडियो की उत्तर पूर्वी सेवा ने शिलांग में इस दिन संगीत समारोह का आयोजन
किया. संगीत समारोह में अगरतला, आइजोल, इम्फाल, कोहिमा और शिलांग के लोगो ने भाग लिया.
विदित हो कि 12 नवंबर की तिथि एक और घटना के लिए
महत्त्वपूर्ण है. देश की पहली रेडियो उद्घोषक स्वतंत्रता सेनानी उषा मेहता को वर्ष
1942 में इसी दिन ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ रेडियो प्रसारण
हेतु गिरफ्तार किया गया था. देश के इस प्रथम रेडियो की शुरुआत डॉ राममनोहर लोहिया
की प्रेरणा से विट्ठलभाई झवेरी ने की थी. इसका संचालन उषा मेहता करती थीं.
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