राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक- 2014
पर 1 मार्च 2014 को
हस्ताक्षर किए. इस हस्ताक्षर के साथ ही यह विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2014
बन गया.
केंद्र सरकार अब तेलंगाना को गठित करने के लिए तिथि तय करते हुए राजपत्र अधिसूचना जारी करनी है.
राज्यसभा ने आंध्रप्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2014 (Andhra Pradesh Re-organisation Bill 2014) विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को खारिज करते हुए ध्वनिमत से 20 फरवरी 2014 को जबकि लोकसभा ने इस विधेयक को 18 फरवरी 2014 को पारित किया था.
केंद्र सरकार अब तेलंगाना को गठित करने के लिए तिथि तय करते हुए राजपत्र अधिसूचना जारी करनी है.
राज्यसभा ने आंध्रप्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2014 (Andhra Pradesh Re-organisation Bill 2014) विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को खारिज करते हुए ध्वनिमत से 20 फरवरी 2014 को जबकि लोकसभा ने इस विधेयक को 18 फरवरी 2014 को पारित किया था.
तेलंगाना देश का 29वां राज्य होगा और
इस तरह तेलुगूभाषी लोगों के लिए अब दो राज्य हो गए. इसमें हैदराबाद सहित 10
जिले होंगे. तेलंगाना के अलग हो जाने के बाद अब आंध्र प्रदेश में 13
जिले रह जाएंगे. 10 साल तक दोनों राज्यों की
राजधानी हैदराबाद होगी. 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला और 3.52
करोड़ की आबादी वाला तेलंगाना राज्य बनने के बाद आबादी और क्षेत्रफल
के लिहाज से देश का 12वां सबसे बड़ा राज्य होगा.
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