भारतीय रिज़र्व बैंक ने वर्ष 2005 से पूर्व श्रृंखला वाले बैंक नोट वापस लेने की तिथि बढ़ाई-(29-JUNE-2015) C.A

| Monday, June 29, 2015
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जनता के लिए वर्ष 2005 से पूर्व जारी किए गए बैंकनोटों को बदलवाने की तारीख को 31 दिसंबर 2015 तक बढ़ा दिया. भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिसंबर 2014 में जनता के लिए इन नोटों को बदलवाने की तारीख 30 जून 2015 निर्धारित की थी.

जिन नोटों को बदला जाना है, उनमें 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट भी शामिल हैं.

इन बैंकनोटों को प्रचलन से वापस लेने में जनता के सहयोग की मांग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोगों से आग्रह किया है कि वे पुराने डिजाइन नोटों को अपने बैंक खातों में जमा कराएं या उन्हें अपनी सुविधानुसार किसी भी बैंक शाखा में बदलवाएं. इन नोटों को पूरे मूल्य के साथ बदला जा सकता है. यह भी स्पष्ट किया गया है कि से सभी नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे.

इस निर्णय के बारे में बताते हुए रिज़र्व बैंक ने कहा कि महात्मा गांधी श्रृंखला वाले बैंकनोट एक दशक से प्रचलन में हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा है कि अधिकांश पुराने बैंकनोटों को बैंक शाखाओं के माध्यम से वापस ले लिया गया है. एक समय पर बहु-श्रृंखलाओं में मुद्रा नोट नहीं रखना एक मानक अंतरराष्ट्रीय प्रथा है.

नोटों की पहचानन 
वर्ष 2005 के पहले के नोट को पहचानना आसान है. वर्ष 2005 के पहले जारी करेंसी नोट के उलटी तरफ प्रकाशन वर्ष नहीं है. वहीं 2005 के बाद छपे नोटों में उलटी तरफ नीचे प्रकाशन वर्ष छपा है. 

भारतीय रिज़र्व बैंक इस प्रक्रिया की निगरानी और समीक्षा करता रहेगा जिससे कि जनता को किसी भी प्रकार से असुविधा न हो.

द एवेंजर्स टीवी सीरीज के अभिनेता पैट्रिक मैकनी का निधन-(29-JUNE-2015) C.A

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द एवेंजर्स टीवी सीरीज के अभिनेता पैट्रिक मैकनी (Patrick Macnee) का कैलिफोर्निया में 25 जून 2015 को निधन हो गया. वह 93 वर्ष के थे.  पैट्रिक मैकनी 1960 के दशक में टीवी सीरीज द एवेंजर्समें जासूसी सीरीज में जॉन स्टीड की भूमिका के लिए जाने जाते हैं.

अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने अपने सहपाठी क्रिस्टोफर ली के साथ हेनरी V के निर्माण में अभिनय किया. ईटन कॉलेज से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह दो विश्व युद्ध के दौरान रॉयल नौसेना में भारती होकर अंग्रेजी चैनल और उत्तरी सागर में टारपीडो नावों पर काम किया.

वह लंदन के मंच प्रस्तुतियों और फिल्मों में भी एलेस्टेयर सिम के क्रिसमस कैरोल में मार्ले की भूमिका में दिखाई दिए.

इनका जन्म लंदन में 6 फरवरी 1922 को हुआ था. परन्तु उनका पालन पोषण बर्कशायर में हुआ था.

उज्ज्वल बत्रिया सीमेंट निर्माता कंपनी लाफार्ज इंडिया (सीमेंट) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त-(29-JUNE-2015) C.A

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उज्ज्वल बत्रियाउज्ज्वल बत्रिया को फ़्रांस की सीमेंट निर्माता कंपनी लाफार्ज इंडिया (सीमेंट) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी 25 जून 2015 को नियुक्त किया गया.  उज्ज्वल बत्रिया ने मार्टिन क्रिगनर का स्थान लिया.
मार्टिन क्रिगनर को दुनिया की शीर्ष दो सीमेंट कंपनियों के प्रस्तावित विलय से गठित लाफार्ज होलसिम के एरिया मैनेजर-मध्य यूरोप नियुक्त किए गए.
उज्ज्वल बत्रिया लाफार्ज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्ति से पहले लाफार्ज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और कंपनी के सीमेंट व्यापार के प्रबंधक थे.

उज्ज्वल बत्रिया गत 16 वर्षों से लाफार्ज में काम कर रहें हैं. उन्होंने वर्ष 1999 में लाफार्ज से जुड़े.

अमेरिका में समलैंगिक विवाह को सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानूनी मान्यता मिली-(29-JUNE-2015) C.A

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same-sex marriageसंयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने 26 जून 2015 को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान की. सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों ने समलैंगिक विवाह को वैध ठहराया, जबकि 4 ने इसका विरोध किया. जस्टिस एंथनी केनेडी द्वारा 28 पृष्ठों का यह फैसला सुनाया गया तथा इसे जस्टिस रुथ बेडर, जिन्स्बर्ग, स्टीफन जी ब्रेयर, सोनिया सोटोमयोर तथा एलेना कैगन द्वारा सहमति प्रदान की गयी.

इस फैसले के बाद अब राज्य में पुरुषों तथा महिलाओं के बीच समलैंगिक संबंधों तथा उन्हें विवाह के अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता. इस निर्णय से 14 राज्यों द्वारा प्रतिबंधित समलैंगिक विवाह के अधिकार को मंजूरी दिए जाने की दिशा में गति मिलने की सम्भावना है.

विधेयक को मंजूरी देते हुए तथा चौहदवां संशोधन करते हुए अदालत ने कहा कि कोई भी राज्य किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन, स्वतंत्रता, या संपत्ति के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता.

चौदहवें संशोधन के अनुसार राज्य द्वारा विधिवत रूप से हुए समलैंगिक विवाह को लाइसेंस तथा उसे मान्यता प्रदान की जाएगी.

यह निर्णय संयुक्त राज्य बनाम विंडसर मामले पर कैनेडी द्वारा जुटाए गये बहुमत के दो वर्ष उपरान्त आया है, जिसमें समलैंगिक जोड़ों की शादी के लाभ को नकार दिया गया था. इस निर्णय में जस्टिस कैनेडी ने संविधान के साथ सामाजिक परिवर्तन को भी महत्व प्रदान किया.

अमेरिका में पुरुषों तथा महिलाओं के बीच समलैंगिक संबंधों की जनसांख्यिकी का ब्यौरा रखने वाले लॉस एंजलिस स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के विलियम्स इंस्टिट्यूट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में 3,90,000 समलैंगिक जोड़े मौजूद हैं.

दिल्ली बजट 2015-16: मुख्य विशेषताएं-(27-JUNE-2015) C.A

| Saturday, June 27, 2015
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने वित्तवर्ष 2015-16 के लिए 41500 करोड़ रुपये का दिल्ली बजट विधानसभा में 25 जून 2015 को पेश किया. इस बजट को पहला 'स्वराज बजट' नाम दिया गया जो भारत का पहला भागीदारी बजट है.

मनीष सिसौदिया ने, जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है, अपने बजट भाषण में मूल्यवर्धित कर (वैट) में किसी प्रकार की बढ़ोत्तरी न करते हुये रसोई के काम आने वाले प्रेशर कुकर और पैंन आदि पर इसे घटाने की घोषणा की.
दिल्ली बजट 2015-16 की मुख्य विशेताएँ 
इसमें 19 हजार करोड़ रुपये योजना मद और 22 हजार 129 करोड़ रुपये गैर योजना खर्च के लिए रखे गये हैं जबकि 371 करोड़ रुपये का अधिशेष रहेगा. 
सरकार का ध्यान कर वसूली तंत्र को सुधारकर राजधानी को चिकित्सा हब और विश्व स्तर का कौशल केंद्र बनाने पर रहेगा. 
दिल्ली के सभी कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 करोड़ के खर्च से मुफ्त में वाई फाई सुविधा मुहैया कराने का एलान किया.
बजट में 253 करोड़ रुपये के प्रावधान से स्वराज फंड बनाने की घोषणा की गयी है जिससे 11 विधानसभाओं में पायलट तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वहां के नागरिक अपनी जरूरतों के हिसाब से खर्च करा सकेंगे.
बजट में सरकार ने अपने संसाधन बढ़ाने के लिए सिनेमा देखने पर लगने वाले मनोरंजन कर को 20 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत और विलासिता कर 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की.
कंपनियों और साझेदारी फर्मों में खरीदे जाने वाले निजी वाहनों पर पंजीकरण शुल्क 25 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई.
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली राज्य सरकार ने हल्के वाणिज्यिक वाहनों के प्रत्येक बार दिल्ली में आने पर सौ रुपये, चार से चौदह चक्कों वाले ट्रक पर पांच सौ से लेकर 1500 रुपये तक का शुल्क लगाया गया.  इससे प्राप्त होने वाली राशि का इस्तेमाल पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बेहतर करने पर खर्च किया जायेगा.
बैटरी से चलने वाले दो पहिया और चार पहिया वाहनों की खरीद पर 1000 से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान.
बैटरी से चलने वाले ई रिक्शा की खरीद पर पन्द्रह सौ रुपये की सब्सिडी दी जायेगी। यह सब्सिडी केवल एक व्यक्ति को केवल एक ई रिक्शा खरीदने पर ही मिलेगी. 
शिक्षा क्षेत्र के लिये आवंटित 9836 करोड़ रुपये में से एक चौथाई अर्थात 4570 करोड़ रुपये योजना मद में खर्च किये जाने का प्रावधान. यह योजना मद वित्तवर्ष 2014-15 के बजट के 2219 करोड़ रुपये की तुलना में 106 प्रतिशत अधिक है.
चालू वित्त वर्ष के दौरान 20 हजार नये शिक्षकों की नियुक्ति, सभी सरकारी स्कूलों के प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी कैमरा, तीन नये आईआईटी, पांच पोलिटेक्निक और कौशल विश्वविद्यालय खोलने का प्रावधान किया गया. 
दिल्ली सरकार के 1011 स्कूलों में आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 50 स्कूलों को वर्ष 2015-16 मॉडल सुविधायुक्त स्कूल बनाया जायेगा.
दिल्ली के हर जिले में विकास कार्यों और सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव के लिये एक नई एजेंसी दिल्ली शहरी विकास एजेंसी (DUDA, डीयूडीए) बनाने का प्रस्ताव. यह एजेंसी स्वराज कोषके तहत लोगों द्वारा सुझाये गये काम को करेगी और क्षेत्र के विधायकों के सिफारिश पर ‘‘विधायक कोष’’ के तहत काम करेगी. 
स्वराज कोष के तहत 11 विधानसभाओं में जनता के आदेश अनुसार काम होगा, इसके लिए हर विधानसभा को 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये 4,787 करोड़ रुपये का आवंटन किया. इसमें योजना व्यय 3,138 करोड़ रुपये रखा गया है जो कि वित्त वर्ष 2014-15 के मुकाबले 45 प्रतिशत अधिक है. 
स्वास्थ्य क्षेत्र का यह धन सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 10,000 तक पहुंचाने और दिल्ली के सभी हिस्सों में ‘‘मोहल्ला क्लिनिक’’ स्थापित करने पर किया जायेगा. इसके लिये 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
प्रमाणपत्र के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा लाई जाएगी.
• 1690 करोड़ रुपये बिजली पानी सब्सिडी के लिए प्रस्तावित.
• MCD के लिए 5908 करोड़ रुपये प्रस्तावित.
आलू-प्याज के लिए पहली बार सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था. 
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना जरूरी
• 2 साल में दिल्ली को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने का लक्ष्य. 
मजीठिया वेतन की सिफारिशों को सख्ती से लागू कराने के लिए प्रतिबद्ध
किसानों के फसल बर्बाद होने पर सहायता राशि 20 हजार रुपए प्रति एकड़ देने का फैसला किया गया है
शहीद होनेवाले दिल्ली पुलिस के सैनिकों को 1 करोड़ रुपए दिए जाने का प्रस्ताव. 
एक उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास गारंटी योजना (Higher Education and Skill Development Guarantee Scheme) शुरू करने का प्रस्ताव जिसके तहत छात्रों को किसी भी जमानत या मार्जिन मनी के बिना 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त करने का प्रावधान. 
जन जल प्रबंधन योजना का प्रस्ताव जिसे विकेन्द्रीकृत तरीके से पानी और सीवरेज सेवाओं के प्रबंधन में समुदाय को शामिल करके शुरू किया जाएगा.
दिल्ली के लोगों ने 1 लाख 30 हजार करोड रुपये टैक्स दिया.
• 1 30000 रुपये का इनकम टैक्स दिल्ली के लोगों ने भरा है. लेकिन इसमें से 30% ही दिल्ली को मिल पाता है.


डब्ल्यूएचओ के आईएआरसी ने लिंडेन, डीडीटी तथा 2,4-डी को मनुष्यों में कैंसर का कारण बताया-(27-JUNE-2015) C.A

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इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने 23 जून 2015 को लिंडेन, डीडीटी तथा 2,4-डी को मनुष्यों में कैंसर का कारण घोषित किया. आईएआरसी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कैंसर की रोकथाम के लिए बनायी गयी एक विशेष एजेंसी है.

यह निर्णय फ्रांस स्थित ल्योन में आयोजित 13 देशों के 26 विशेषज्ञों की आठ दिन की अनिवार्य बैठक के बाद लिया गया.  इसे आईएआरसी द्वारा मोनोग्राफ कार्यक्रम के रुप में तीन एजेंटों की कार्सिनोजेनेसिटी क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए स्थापित किया गया था.

गामा-हेक्साक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन (लिंडेन) : पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आईएआरसी ने कीटनाशकों को मनुष्यों के लिए कार्सिनोजेनिक (समूह 1) बताया है.

इसका प्रयोग बड़ी मात्रा में खेती के दौरान कीटनाशकों को समाप्त करने तथा मनुष्यों में लाइस तथा स्केबीज़ का उपचार करने में प्रयोग किया जाता है. इसकी सबसे अधिक मौजूदगी खेती करने वाले मजदूरों तथा कीटनाशक बेचने वाले व्यक्तियों में पायी गई. अधिकतर देशों में इसके प्रयोग पर पाबंदी लगा दी गयी है.

कृषि आधारित विस्तृत महामारी विज्ञान के अंतर्गत हुए शोधों में यह पाया गया है कि अमेरिका तथा कनाडा में जो लोग लिंडेन के संपर्क में रहते हैं उनमें कैंसर का खतरा 60 प्रतिशत अधिक होता है.

डीडीटी : आईएआरसी ने इसे (समूह 2) मनुष्यों के लिए कैंसर का एक संभावित कारण पाया है. शोध का यह निष्कर्ष मनुष्यों में अपर्याप्त साक्ष्यों तथा पशुओं में पर्याप्त साक्ष्यों की मौजूदगी पर आधारित है. इस बात के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं कि 2,4-डी तनाव का कारण बनता है जिसमें पाया गया कि मनुष्यों में इसकी मौजूदगी के कारण उनमें तनाव तथा मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है.

वर्ष 1945 में इसका प्रयोग आरंभ हुआ और तभी से ही इसे खेती, वानिकी तथा शहरी क्षेत्रों में खरपतवार की उपज रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

व्यवसायिक कार्यों के दौरान 2,4-डी के संपर्क में आने की सम्भावना होती है जबकि सामान्य तौर पर यह भोजन, पानी, धूल तथा घरेलू कामों के दौरान भी मनुष्यों को चपेट में ले सकता है.


आईएआरसी मोनोग्राफ कार्यक्रम

यह मनुष्यों में कैंसर के प्राकृतिक कारणों का मूल्यांकन करता है.

यह रसायन (जैसे फॉर्मलडिहाइड), जटिल मिश्रण (जैसे वायु प्रदूषण), व्यावसायिक जोखिम (जैसे कोक उत्पादन में काम), भौतिक तत्व (जैसे सौर विकिरण), जैविक तत्व (जैसे हेपेटाइटिस बी वायरस), तथा व्यक्तिगत आदतों (जैसे धूम्रपान) का मूल्यांकन करता है.

मूल्यांकन के बाद, आईएआरसी कार्सिनोजेन्स को पांच श्रेणियों में विभक्त करता है जो मनुष्यों में कार्सिनोजेन्स की मौजूदगी (समूह 1) से मनुष्यों में कार्सिनोजेन्स की संभावित मौजूदगी नहीं (समूह 4) के बीच वर्गीकृत है.

वर्ष 1971 से अब तक 900 तत्वों का मूल्यांकन किया जा चुका है जिसमें से 400 से अधिक तत्वों में कैंसर के लिए उत्तरदायी कारक पाए गए हैं.

आईएआरसी केवल तत्वों को वर्गीकृत करता है तथा इसके लिए कुछ निर्देश, कानून अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य निर्देशिका जारी नहीं करता क्योकि यह उत्तरदायित्व सरकारों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों का है.

लद्दाख का दो दिवसीय वार्षिक हेमिस महोत्सव-(27-JUNE-2015) C.A

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गुरु पद्मसंभव के लिए समर्पित दो दिवसीय वार्षिक हेमिस महोत्सव जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े मठ लद्दाख हेमिस गोम्पा (मठ) में 26 जून 2015 को शुरू हुआ.
हेमिस महोत्सव पद्मसंभव के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. इस महोत्सव के दौरान लंबे सींगों के साथ मुखौटों से सुशोभित छाम नाम के लामा नृत्य करते हैं और विशेष प्रकार के ढोल मंजीरा और भोंपू बजा कर धार्मिक नाटक प्रस्तुत करते हैं. मुख्य लामा इस समारोह की अध्यक्षता करते हैं.
यह महोत्सव हर 12 वर्षों के उपरांत जब भोट पंचांग के अनुसार बंदर वर्षआता है तो चार मंजिला ऊंची गुरु पद्भसंभवा की खूबसूरत मूर्ति अर्थात थंका (सिल्क के कपड़े पर बनाई गई तस्वीरों को थंका कहा जाता है) प्रदर्शित की जाती है.
लद्दाख में मनाए जाने वाले अन्य उत्सव
·         दोसमोचे महोत्सव: लेह में फरवरी के दूसरे सप्ताह में डोसमोचे महोत्सव मनाया जाता है. यह लद्दाख के नए समारोहों में से एक है. इस महोत्सव के दौरान हर साल विभिन्न मठों में मुखौटा नृत्य का प्रदर्शन करते हैं. इस अलावा धार्मिक प्रतीकों को लकड़ी के खंभों पर पताका को सजाकर लेह के बाहर आयोजित किया जाता है. दोसमोचे त्योहार दो दिनों तक चलता है जिसमें बौद्ध भिक्षु नृत्य करते हैं, प्रार्थनाएं करते हैं और क्षेत्र से दुर्भाग्य और बुरी आत्माओं को दूर रखने के लिए अनुष्ठान करते हैं.
·         लोसर महोत्सव: लोसर तिब्बती या लद्दाखी नव वर्ष के रूप में मनाया जाने वाला अन्य त्योहार है जो चंद्र कैलेंडर पर आधारित है. लद्दाख में लोसर का त्योहार दिसंबर और जनवरी के महीने में दो सप्ताह के लिए मनाया जाता है. लोसर त्योहार के दौरान आने वाले पर्यटकों पारंपरिक संगीत और नृत्य का आनंद देते हैं. त्योहार के दौरान होने वाली अनुभव से उनको मंत्रमुग्ध कर देती है. इस अवसर पर पुराने वर्ष की सभी बुराइयों और वैमनस्यों को समाप्त करने का प्रयत्‍‌न किया जाता है और नए साल में पूर्णतया नया जीवन आरंभ करने की कोशिश की जाती है. इस त्योहार की तिथि और स्थान हर साल बदलते रहते हैं.
·         माथो नागरंग: मार्च के प्रथमार्ध में मनाए जाने वाले त्योहार माथो नागरंग के दौरान पवित्र अनुष्ठान और नृत्य प्रदर्शित किए जाते हैं. चार सौ साल पुराने थांगका या सिल्क से बनाई जाने वाली धार्मिक तिब्बती पेंटिंग और इसके साथ जुड़ा त्योहार माथो नागरंग पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं. यह त्योहार माथो मठ में मनाया जाता है.

·         फियांग और थिक्से: फियांग और थिक्से त्योहार लद्दाख में जुलाई या अगस्त में मनाया जाता है। इस त्योहार के दौरान विभिन्न मठों से भिक्षुओं भगवान और देवी के विभिन्न रूपों को दर्शाती है और अद्भुत मुखौटा नृत्य प्रदर्शन करने के लिए रंगीन जरी के वस्त्र और मुखौटे पहनते हैं.

नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस 26 जून को मनाया गया-(27-JUNE-2015) C.A

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26 जून: नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस
नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस 26 जून 2015 को विश्व भर में मनाया गया. वर्ष 2015 का विषय लेट्स डेवलप अवर लिव्स, अवर कम्यूनिटीज, अवर आइडेंटिटीज विद आउट ड्रग्स’.
इस दिन यूएनओडीसी ने वैश्विक दवा समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया. प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और क्राइम कार्यालय (यूएनओडीसी) इस दिन के लिए एक विषय (थीम) का चयन करता है.
पृष्ठभूमि

संयुक्त राष्ट्र ने 7 दिसंबर 1987 को  महासभा में 42/112 प्रस्ताव पारित कर नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में 26 जून को मनाने का निर्णय लिया. इस प्रस्ताव में नशीली दवाओं के सेवन और अवैध व्यापार पर वर्ष 1987 के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट और निष्कर्ष के संबंध में आगे की कार्रवाई की सिफारिश की.

अंकटाड ने वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2015 जारी की-(27-JUNE-2015) C.A

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यूनाइटेड नेशंस कांफेरेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (अंकटाड) ने 24 जुलाई 2015 कोरिफोर्मिंग इन्टरनेशनल इन्वेस्टमेंट गवर्नेंस नाम से वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2015 जारी की. 

वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2015 में 2014 के दौरान वैश्विक, क्षेत्रीय और देश के स्तर पर निवेश के रुझान को तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य में दिखाने का प्रयास किया गया है.

वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2015 के प्रमुख तथ्य 
2014 में वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमजोर स्थिति,निवेशकों के लिए नीति अनिश्चितता और भू राजनीतिक जोखिम आदि के कारण 16 प्रतिशत की गिरावट आई हालांकि 2015 में इसमें 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है.

विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 2 प्रतिशत वृद्धि के साथ उच्चतम स्तर पर पहुंच कर 681 बिलियन डॉलर हो गया. दुनिया के शीर्ष 10 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वाले राष्ट्रों में चीन  सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त करने वाला राष्ट्र बन गया. इस सूची में अन्य पांच विकासशील अर्थव्यवस्था हैं.

2014 के दौरान सीमा पार से विलय और अधिग्रहण में पुनरुद्धार के बावजूद समग्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 399 बिलियन यूएस डॉलर रहा. विकसित देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में 28 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी. ये सभी अमेरिका द्वारा एक बड़े पैमाने पर विनिवेश से प्रभावित हैं.

विकासशील देश के बहुराष्ट्रीय उद्यमों (MNES) द्वारा किए गए निवेश एक रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया. अब वे किसी भी अन्य बहुराष्ट्रीय उद्यमों MNES की तुलना में विदेशों में अधिक निवेश करते हैं.

20 सबसे बड़े निवेशक देशों में से 9 विकासशील या संक्रमण अर्थव्यवस्थाओं में से थे.

विकासशील देशों की बहुराष्ट्रीय उद्यमों ने विकसित देश की कंपनियों के अधिग्रहण को जारी रखा.

ट्रान्साटलांटिक व्यापार और निवेश भागीदारी (TTIP) और ट्रांस प्रशांत भागीदारी (टीपीपी) पर समझौता करने वाले राष्ट्रों के वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में गिरावट आई है.

2014 में घोषित ग्रीनफिल्ड निवेश में 2 प्रतिशत की कमी आई है.

विकासशील देशों ने घोषित ग्रीनफील्ड निवेश में दो तिहाई निवेश करने का कार्य जारी रखा है.

लगभग 7.9 ट्रिलियन यूएस डॉलर मूल्य के उत्पादन के साथ अंतरराष्ट्रीय उत्पादन तथा बहुराष्ट्रीय उद्यमों द्वारा उत्पादन में 2014 में वृद्धि हुई है.

विकासशील एशिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में उच्च स्तरीय ऐतिहासिक वृद्धि हुई है.यह 2014 में एक खरब डॉलर के आधे तक पहुँच गया.

दक्षिण एशिया में विनिर्माण क्षेत्र सहित मोटर वाहन उद्योग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में (लगभग 16 प्रतिशत) वृद्धि हुई है.

2014 में भारत में निवेश का परिदृश्य
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश-आतंरिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 34.4 बिलियन यूएस डॉलर था जबकि बाह्य प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 9.8 बिलियन यूएस डॉलर था. इसमें 2013 और 2014 की तुलना में क्रमशः 6.3 बिलियन यूएस डॉलर तथा 10.3 बिलियन यूएस डॉलर की वृद्धि हुई.

बाह्य और आतंरिक सकल अचल पूंजी निर्माण क्रमशः 1.7 तथा 5.9 प्रतिशत रहा.

दक्षिण एशिया के कुल आतंरिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 80 प्रतिशत आकर्षण भारत में हुआ.

सीमा पार से खरीद एवं बिक्री -2014 में सीमा पार से शुद्ध बिक्री और शुद्ध खरीद क्रमशः 5.8 एवं 1 बिलियन यूएस डॉलर रहा. 

ग्रीनफील्ड निवेश-भारत ने दक्षिण एशिया के 26.3 बिलियन यूएस डॉलर में से 24.9 बिलियन डॉलर अधिग्रहित किया.2014 में विदेशों में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में 13.2 बिलियन यूएस डॉलर का निवेश किया.इस क्षेत्र में इस दौरान 77.4 बिलियन डॉलर का निवेश करने वाले चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान रहा.

महाराष्ट्र के रेवदंडा समुद्र तट पर बहकर आई 42 फीट लंबी ब्लू व्हेल की मौत-(27-JUNE-2015) C.A

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अलीबाग का रेवदंडा समुद्र तट: 40 फीट लंबी मादा ब्लू व्हेल की मौत
महाराष्ट्र में अलीबाग के रेवदंडा समुद्र तट पर 24 जून 2015 को 20 टन से भी ज्यादा वजन वाली 42 फीट लंबी एक मादा ब्लू व्हेल की मौत हो गई. यह व्हेल मछली समुद्री लहरों के तेज बहाव से मुंबई के अलीबाग समुद्र तट पर आ गई थी. व्हेल का वजन करीब 20 टन था और इसकी लंबाई 40 फीट थी. यह पहली बार है कि किसी बड़ी ब्लू व्हेल को महाराष्ट्र के तट पर देखा गया.
इस घटना के कुछ दिन पहले ही दो ब्लू व्हेल (मां-बछड़ा जोड़ी) और चार ब्राइड व्हेल को महाराष्ट्र में कंकेश्वर के पास सिंधुदुर्ग तट देखा गया.

अरब सागर में लगभग 20 प्रकार की व्हेल पाई जाती हैं. व्हेल दो प्रकार की होती हैं- दांतेदार और बलीन. बलीन व्हेल के मुंह में एक विशेष फिल्टर होता है जो गंदगी और अन्य समुद्री कचरे को बाहर फेंक देता है. मुंबई के अलीबाग समुद्र तट पर पाई गई ब्लू व्हेल और हमबैक व्हेल बलीन वर्ग की व्हेल हैं.

नेपाल के पुनर्निर्माण हेतु अंतरर्राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न-(27-JUNE-2015) C.A

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नेपाल के पुनर्निर्माण हेतु एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, नेपाल की राजधानी काठमांडू में 25 जून 2015 को संपन्न हुआ.

यह सम्मेलन नेपाल सरकार द्वारा नेपाल की सहायता हेतु फंड जुटाने के लिए किया गया ताकि 25 अप्रैल को 7.8 रिएक्टर स्केल की तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप से हुए नुकसान की भरपाई की जा सके, इस भूकंप में 9,000 लोग मारे गये थे.

इस सम्मेलन में 35 देशों ने भाग लिया जिसमें चीन, ब्रिटेन, नॉर्वे, जापान, श्रीलंका तथा यूरोपियन यूनियन, सयुंक्त राष्ट्र, विश्व बैंक तथा एशिया विकास बैंक शामिल थे.


भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस सम्मेलन में शामिल हुईं उन्होंने नेपाल को 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर राशि सहायता के रूप में देने की घोषणा की. यह सहायता भारत की द्विपक्षीय विकासशील सहायता से भिन्न है जिसमें अगले पांच वर्षों तक नेपाल को कुल 2 बिलियन डॉलर की राशि प्रदान की जाएगी.

प्रधानमंत्री ने अमरूत, सबके लिए आवास और स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया-(27-JUNE-2015) C.A

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन  शहरी विकास योजनाओं की शुरूआत नई दिल्ली में 25 जून  2015 को की. ये योजनाएं हैं- स्मार्ट सिटी मिशन, अटल पुनरुत्थान और शहरी परिवर्तन मिशन-अमरूत और सबके लिए आवास.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरुत (कायाकल्प और शहरी बदलाव के लिए अटल मिशन), स्मार्ट सिटी मिशन योजनाओं का लोगो और टैगलाइन तथा अमरुत, स्मार्ट सिटी मिशन और सभी के लिए मकान (शहरी) योजनाओं के दिशा-निर्देश जारी किया.

कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation, AMRUT): इसका उद्देश्य वर्ष 2015-16 और वर्ष 2019-20 के बीच 50000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ एक-एक लाख और उससे अधिक जनसंख्या वाले 500 शहरों और कस्बों में बुनियादी ढांचे का विकास करना है.
स्मार्ट सिटी मिशन: इसका उद्देश्य वर्ष 2015-16 और 2019-20 के बीच 48000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ देश भर में 100 स्मार्ट शहरों को विकसित करना है.


सभी के लिए आवास (शहरी): इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के सभी योग्य लोगों को वर्ष 2022 तक आवास सुविधा उपलब्ध कराना है. 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एसइसीआई को भारतीय अक्षय ऊर्जा निगम के रूप में मंजूरी दी-(27-JUNE-2015) C.A

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जून 2015 को भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसइसीआई) के नाम को बदलकर भारतीय अक्षय ऊर्जा निगम (आरईसीआई) रखने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की.

इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने एसइसीआई को कंपनी रजिस्ट्रार के पास आवेदन करने के लिए भी मंजूरी प्रदान की ताकि कंपनी एक्ट, 2013 के तहत कंपनी को अनुच्छेद 8 से बदलकर अनुच्छेद 3 के तहत पंजीकृत किया जा सके.

यह निर्णय एसइसीआई को निम्न लाभ प्रदान करेगा :

एसइसीआई एक आत्मनिर्भर और आत्म-सृजन संगठन बन जाएगा.

सौर उर्जा संयंत्रों को लगाने, सौर उर्जा उत्पादन तथा सौर उर्जा संबंधित अन्य क्षेत्रों की अन्य गतिविधियों के लिए एसइसीआई स्वयं सक्षम हो जायेगा.


एसइसीआई परिवर्तित होकर आरइसीआई बन जायेगा जिससे यह भू-तापीय, अक्षय ऊर्जा तथा सुदूर तटवर्ती उर्जा के विकास हेतु कदम उठा सकेगा.

कंपनी अधिनियम-2013 धारा 3 तथा धारा 8 के बीच अंतर

धारा 3 उन कम्पनियों के लिए लागू होती है जो लाभ अर्जित करने हेतु वाणिज्यिक गतिविधियों में संलग्न हैं.

इसके विपरीत, धारा 8 के तहत आने वाली कम्पनियां केवल चैरिटेबल, सामाजिक कल्याण, धमार्ध, शिक्षा आदि क्षेत्रों का प्रसार कर सकती हैं किन्तु इसमें कोई वाणिज्यिक पहलू शामिल नहीं होना चाहिए. 

एसइसीआई 

एसइसीआई सितम्बर 2011 को कंपनी एक्ट-1956 की धारा 25 के तहत सौर उर्जा तकनीक के प्रसार तथा वाणिज्यिक इस्तेमाल के तहत पंजीकृत कंपनी है (अब यह कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत है).

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2015 जारी की-(27-JUNE-2015) C.A

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 जून 2015 को  वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2015 जारी की. यह अर्ध वार्षिक प्रकाशन का ग्यारहवां अंक है
वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति द्वारा वित्तीय स्थिरता के जोखिमों और वित्ती्य प्रणाली के आघात-सहनीयता के संबंध में किए गए सामूहिक मूल्यांकन  को प्रस्तुत किया गया है. 
इसके अलावा इस रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र के विकास और विनियमन से संबंधित मुद्दों पर पर भी प्रकाश डाला गया है 
वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2015 से सम्बंधित मुख्य तथ्य 
वैश्विक परिदृश्य 
वैश्विक आर्थिक परिस्थिति में दीर्घकालीन सुधार करना कठिन कार्य है साथ ही साथ उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के मौद्रिक नीति रुख का प्रभाव-विस्तार (स्पिल ओवर) उभरती बाज़ार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) के सम्मुख भी दिनों दिन चुनौती बढ़ती जा रही है.यूनानी ऋण संकट की घटनाएं और यूएस फेडरल रिज़र्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी के कारण निकट भविष्य में वैश्विक वित्तीय बाज़ार में अनिश्चितता की स्थिति कभी भी अस्थिरता पैदा कर सकती हैं.
भारत की स्थिति 
जहां तक भारत की स्थिति का प्रश्न है तो समष्टि-आर्थिक परिदृश्य में काफी सुधार हुआ है तथा भविष्य में आर्थिक स्थिति  और बेहतर होने की संभावना है.वित्तीय समेकन की दिशा में भी प्रगति हुई है.पिछले वर्ष के दौरान भारत में विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह की गति अच्छी रही तथापि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं की मौद्रिक नीति में होने वाले अप्रत्याशित परिवर्तनों के कारण वित्तीय बाज़ारों के विभिन्न हिस्सों में हो रहे ऐसे प्रवाहों की गति धीमी हो सकती है.
वित्तीय संस्थान: सुदृढ़ता और लचीलापन
अनुसूचित व्यावसायिक बैंक-व्यापार में विकास के मामले में अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों के प्रदर्शन में 2014-2015 के दौरान सुधार आया है.सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बैंक-समूहों के बीच जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) के लिए सितंबर 2014 से मार्च 2015 के दौरान सबसे कम पूंजी रिकॉर्ड की गयी है.मार्च 2011 में पीएसबी द्वारा विदेशी बैंकों के सीआरएआर में अधिकतम गिरावट 1.1 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के बैंकों में 1.8 प्रतिशत पंजीकृत किया गया था. 
पीएसबी द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 4.6 फीसदी की तुलना में 13.5 फीसदी कुल अग्रिम परिसंपत्तियों के उच्चतम स्तर को दर्ज किया गया. भारत में वित्तीय क्षेत्र के विनियमन में नियामक सुधारो का कार्यान्वयन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है.
शहरी सहकारी बैंक और गैर बैंक वित्तीय कंपनियां- बेहतर अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) की परिसंपत्ति गुणवत्ता बेहतर हुई है जबकि गैर बैंक वित्तीय कंपनियों की संपत्ति की गुणवत्ता में कमी आई है.
बैंकिंग क्षेत्र
सितंबर 2014 से बैंकिंग स्थिरता संकेतक और ढांचे में वर्णित तथ्यों के अनुसार बैंकिंग क्षेत्र के जोखिमों की तीव्रता कम हुई है, फिर भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के दबावग्रस्त अग्रिम अनुपात की बढ़ती प्रवृत्ति के माध्यम से आस्ति की गुणवत्ताओं  में लगातार कमज़ोरी बने रहने के संकेत चिंताजनक हैं.मैक्रो दबाव परीक्षणों के माध्यम से यह तथ्य सामने आया है कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आस्ति गुणवत्ता के स्तर में वर्तमान में जो गिरावट दर्ज हो रही है उसे आगे कई तिमाहियों में बने रहने की संभावना है.साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को क्रेडिट जोखिम के लिए किए जा रहे वर्तमान स्तर को बढ़ाना पड़ सकता है ताकि वे समष्टि-आर्थिक परिवेश में प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा होने की दशा में प्रत्याशित हानियोंकी भरपाई करने की स्थिति में अपने आप को बनाये रखें. फिर भी प्रणाली के स्तर  पर देखा जाए तो अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (सीआरएआर) न्यू नतम विनियामक स्तर के ऊपर रहा है जबकि इन परीक्षणों में प्रतिकूल समष्टि-आर्थिक परिस्थितियों की परिकल्पना की गई थी.
कॉर्पोरेट क्षेत्र
भारतीय अर्थव्यवस्था में समग्र लीवरेज स्तर अन्य अधिकार क्षेत्रों की तुलना में सुविधाजनक होने के बावजूद भी कॉर्पोरेट क्षेत्र के गिरते लाभ प्रतिशत और कम होती ऋण अदायगी क्षमतायें समस्या का कारण हो सकती हैं.जबकि अधिक बाजार पहुंच और बाजार अनुशासन को प्रोत्साहित करने के लिए विनियामक प्रयास से घरेलू वित्तीय बाजारों के विकास और बैंकिंग क्षेत्र को सहायता प्राप्त होगी.सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि की आवश्यकता के दायित्व को जारी रखना होगा. 
प्रतिभूति और पण्य-वस्तु बाजार
समाधान के लिए उपाय किए जाने के बावजूद भी बढ़ती एल्गरिदम ट्रेडिंग को लेकर पैदा होने वाली चिंताएं भारत के प्रतिभूति बाजारों के लिए सावधानी की आवश्यकता पर प्रकाश डालती हैं.अनधिकृत पैसा जुटाने संबंधी गतिविधियों,भेदिया कारोबार (इनसाइडर ट्रेडिंग) से निपटने और डिपोजिटरीज़ में जोखिम प्रबंध प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए विनियमों को और सख्त बनाने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
मौसम से संबंधित आपदाओं की लगातार हो रही घटनाओं और विशेषकर छोटे तथा कमजोर किसानों पर इसके प्रभाव को देखते हुए कृषि बीमा पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है.
भौतिक पण्य-वस्तु बाजार के विनियमन और मुख्य रूप से कृषि पण्य-वस्तु डेरिवेटिव बाजारों तथा भौतिक (नकदी) बाजारों के बीच संबंध सुदृढ़ करने हेतु इन दोनों के मध्य सामंजस्य स्थापित करने की महती आवश्यकता है.
आगामी दशकों में जनसंख्या में हो रहे प्रत्याशित परिवर्तनों में वृद्धावस्था आय सुरक्षा और पेंशन योजनाओं पर ध्यान देने की भी आवश्यकता है.विशेषकर असंगठित क्षेत्र के मामले में जिसके लिए केंद्रीय सरकार द्वारा एक नई योजना अटल पेंशन योजना की घोषणा पहले ही की जा चुकी है
निष्कर्ष
वस्तुतः समग्र दृष्टि कोण से देखा जाय तो वृद्धि, मुद्रास्फीति, चालू खाता और राजकोषीय घाटे के संबंध में भारत तुलनात्मक रूप से मजबूत समष्टि आर्थिक मूलभूत तत्व वैश्विक कारकों के स्पिल-ओवर प्रभावों की स्थिति में भारतीय वित्तीय प्रणाली में उचित लचीलापन मुहैया कराता हैं.फिर भी वैश्विक वृद्धि के बारे में निरंतर अनिश्चितता और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक नीति के समन्वय के अभाव में संतोषजनक स्थिति नहीं है.

असम का चार दिवसीय अंबुबचि मेला संपन्न-(26-JUNE-2015) C.A

| Friday, June 26, 2015
असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या देवी मंदिर में चार दिवसीय अंबुबचि मेला 26 जून 2015 को संपन्न हो गया. इसके साथ ही कामाख्या देवी मंदिर के द्वार भी श्रृद्धालुओं के लिए खोल दिए गए.
अंबुबचि मेले को अंबुबचि महोत्सव के नाम से भी जाना जाता है. यह महोत्सव 23 जून 2015 को शुरु हुआ था जिसमें दुनिया के विभिन्न भागों से लगभग 7 लाख 50 हजार तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लिया.
अंबुबचि मेला (अंबुबचि महोत्सव)
इसे कामाख्या देवी पूजा के नाम से भी जाना जाता है. प्रत्येक वर्ष गुवाहाटी के कामाख्या देवी मंदिर में भव्य अंबुबचि मेले का आयोजन किया जाता है. मेले के दौरान 3 दिन के लिए मदिर के दर्शन आम भक्तों के लिए बंद कर दिए जाते हैं और चौथे दिन मंदिर के द्वार खुलते हैं. यह अम्बूवाची पर्वत भगवती (सती) का रजस्वला पर्व होता है.

कामाख्या मंदिर नीलाचल पर्वत पर गुवाहाटी शहर में पहाड़ी की ऊंची चोटी पर स्थित है. कामाख्या देवी शक्तिपीठ को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यह शक्तिपीठ तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है. कामाख्या शक्तिपीठ असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर कामाख्या में है.