लोक सभा में कराधान विधि दूसरा संशोधन विधेयक पारित हुआ-(06-DEC-2016) C.A

| Tuesday, December 6, 2016
लोकसभा में 29 नवम्बर 2016 को कराधान विधि (दूसरा संशोधन) विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ. यह विधेयक बिना चर्चा के पारित किया गया. विधेयक में कालाधन रखने वालों को एक और मौका दिया गया है. नोटबंदी के दृष्टिगत इसमे अघोषित आय को पचास फीसदी कर अदायगी के साथ वैध बनाने का प्रावधान है.
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 28 नवम्बर 2016 को आयकर कानून में संशोधन हेतु लोकसभा में एक विधेयक पेश किया था. विधेयक के अनुसार नोटबंदी के बाद जमा राशि की घोषणा कर, जुर्माना तथा अधिभार के रूप में कुल 50 प्रतिशत वसूली का प्रस्ताव किया गया है.
अब यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. राज्यसभा के पास 14 दिनों के भीतर इसे पास करने का विकल्प है.

संशोधन विधेयक के मुख्य तथ्य-
  • यह आयकर अधिनियम, 1961 और वित्त अधिनियम, 2016 का और संशोधन करने वाला विधेयक धन विधेयक है.
  • 25 प्रतिशत राशि उन्हें तत्काल वापस कर दी जाएगी और शेष 25 प्रतिशत राशि चार साल बाद वापस की जाएगी.
  • अघोषित आय का 30 प्रतिशत की दर से कर भुगतान करना होगा.
  • अघोषित आय पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा.
  • साथ ही पीएमजीके उपकर नाम से 33 प्रतिशत अधिभार (30 प्रतिशत का 33 प्रतिशत) लगाया जाएगा.
  • प्रस्तावित संशोधित आयकर कानून में यह भी प्रावधान है कि घोषित कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत प्रधानमंत्री मंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) में लगाना होगा, जिसक कोई ब्याज आपको नहीं दिया जाएगा.
  • इस राशि को चार साल तक नहीं निकाला जा सकेगा. इस धन से सरकार को साधन मिलेंगे जिनसे विकास कार्य किए जा सकेंगे.
  • प्रधानमंत्री ने इसी संबंध में गरीब कल्याण कोष की भी घोषणा की.
  • वित्त मंत्री अरूण जेटली के अनुसार सरकार ने आयकर अधिनियम में संशोधन किया है. इसमें प्रावधान है कि लोग अपना अघोषित धन बैंक में जमा कर उसकी जानकारी देंगे तो उन्हें 50 प्रतिशत कर, जुर्माना और अधिभार देना होगा.
  • लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के मध्य विभिन्न संशोधनों को नामंजूर करते लोकसभा में कराधान विधि (दूसरा संशोधन) विधेयक 2016 को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान की गयी.
  • संशोधित विधेयक भर्तृहरि महताब, एन के प्रेमचंद्रन, के सी वेणुगोपाल के द्वारा तैयार किया गया है.
दूसरा संशोधन विधेयक क्यों-
  • सरकार द्वारा काले धन के विरुद्ध की गई कार्रवाई से 70 हजार करोड़ रुपए का काला धन सामने आया.
  • सरकार का मानना है कि 8 नवंबर के बाद से देश में 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद लोग अपना कालाधन गैर कानूनी तरीके से बदल रहे हैं.
  • इस प्रक्रिया को रोकने हेतु यह विधेयक लाया गया.
  • इस कदम का उद्देश्य कालेधन पर रोक लगाना और ऐसे धन को मुख्यधारा में लाना है.

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबन्ध लगाये-(06-DEC-2016) C.A

|
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 30 नवम्बर 2016 को उत्तर कोरिया द्वारा पांचवां एवं अब तक का सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण करने के बाद नए प्रतिबन्ध लगाने की घोषणा की.
उत्तर कोरिया द्वारा सितंबर 2016 में परमाणु परीक्षण किये जाने के बाद सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से राजनयिक तर्क के महीनों के बाद प्रतिबन्ध लगाने के लिए निर्णय लिया.

डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया पर विभिन्न बैलिस्टिक एवं परमाणु हथियारों के परीक्षण करने पर वर्ष 2006 से संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबन्ध लगाया गया है.
प्रतिबन्ध
•    प्रतिबंध का लक्ष्य उत्तर कोरिया की निर्यात की 70 करोड़ डालर की आय को रोकना है.

•    नये प्रतिबंधों के द्वारा उत्तर कोरिया की समुद्रीजल संसाधनों से होने वाली आय पर भी रोक लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

•    इससे उत्तर कोरिया को निर्यात से होने वाली तीन अरब डालर की आय में से 80 करोड़ डालर की कमी आएगी.

•    कुछ अन्य कदमों द्वारा उत्तर कोरिया को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग में भी प्रतिबंधित किया गया है.

टाइम पत्रिका ने बापू का चरखा को 100 सबसे प्रभावशाली तस्वीरों में शामिल किया-(06-DEC-2016) C.A

|
टाइम पत्रिका ने 100 सबसे प्रभावशाली तस्वीरों के संकलन में चरखा के साथ महात्मा गांधी (बापू) की वर्ष 1946 की एक तस्वीर को शामिल किया है. महात्मा गांधी (बापू) की यह श्वेत-श्याम तस्वीर फोटोग्राफर मार्गरेट बौर्के-व्हाइट ने क्लिक की थी.
मुख्य तथ्य -
  • तस्वीर में गांधी भूमि पर पतले गद्दे पर बैठकर खबर पढ़ते हुये नजर आ रहे हैं, उनके आगे उनका चरखा रखा है.
  • तस्वीर उस समय भारत के नेताओं पर एक लेख के प्रकाशन हेतु ली गई थी.
  • इस लेख के प्रकाशित होने के दो वर्ष पहले और गांधी की हत्या के बाद इसे श्रद्धांजलि के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया.
  • टाइम पत्रिका के अनुसार बहुत जल्द ही यह तस्वीर कभी न विलुप्त होने वाली यादगार तश्वीर बन गयी.
  • टाइम के संकलन में 1820 के दशक से 2015 तक की अवधि में ली गई सबसे मशहूर और इतिहास को बदलने वाली 100 तस्वीरों को शामिल किया गया है.
  • इनमें सीरियन बच्चे एलन कुर्दी की डेड बॉडी वाली चर्चित फोटो भी है.
  • ओसामा बिन लादेन को मारने के दौरान बराक ओबामा की अधिकारियों के साथ मीटिंग करती फोटो भी टॉप-100 में है.
  • अन्य प्रमुख फोटो में 2001 के 9/11 अटैक के दौरान बिल्डिंग से कूदते व्यक्ति और 1993 में सुडान में क्लिक की गई बच्चे की तस्वीर भी शामिल है.
  • जिस समय ये तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं.
  • तस्वीरें जिसने दुनिया बदल दी' टाइटल के साथ टाइम मैगजीन ने हमेशा प्रभावी रही फोटोज पब्लिश की है.

संयुक्त राष्ट्र ने हैती में हैजे की महामारी फैलने पर नागरिकों से माफ़ी मांगी-(06-DEC-2016) C.A

|
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने 1 दिसंबर 2016 को हैती में वर्ष 2010 में फैली हैजे की महामारी के लिए अधिकारिक रूप से माफ़ी मांगी.

महासचिव ने इस संकट के कारण देश में हुई त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “संयुक्त राष्ट्र की ओर से मैं हैती के लोगों से माफ़ी मांगता हूं.”
2010 हैजा महामारी

•    संयुक्त राज्य अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार हैती की महामारी मौजूदा इतिहास की सबसे बड़ी महामारी है.

•    हैती में अक्टूबर 2010 से हैजा फ़ैल रहा है. यह महामारी वहां आये भूकंप के बाद फैलनी आरंभ हुई.

•    यह महामारी अक्टूबर 2010 में मध्य हैती से फैलना आरंभ हुई.

•    यह महामारी 12 जनवरी 2010 को हैती में आये भीषण भूकंप के 10 माह बाद फैलना आरंभ हुई.

•    यह माना जा रहा है कि नेपाली शांति सेना द्वारा यह बीमारी देश में फैलना आरंभ हुई.

•    माना जा रहा है कि नेपाली सेना के अधिकारियों द्वारा कचरा नदी में फैंके जाने के कारण देश में दूषित जल के सेवन से बीमारी ने महामारी का रूप ले लिया.

•    अब तक इस महामारी की चपेट में 788000 लोग आ चुके हैं जबकि 9000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

जापान के हिदेकी मत्सुयुमा ने हीरो वर्ल्ड चैलेंज गोल्फ खिताब जीता-(06-DEC-2016) C.A

|
जापान के हिदेकी मत्सुयुमा ने 2016 हीरो वर्ल्ड चैलेंज गोल्फ खिताब जीता. इस महान गोल्फ की मेजबानी में होने वाला टूर्नामेंट जीतकर वे जापान का गौरव बढ़ाया. पंद्रह महीने बाद कोर्स पर लौटे वुड्स 17 खिलाड़ियों में 15वें स्थान पर रहे जिन्होंने आखिरी दौर में चार ओवर 76 का स्कोर किया. हिदेकी मत्युसुमा ने आखिरी दौर में 73 का स्कोर किया.
यह पिछले पांच टूर्नामेंटों में उनकी चौथी जीत है. रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता स्वीडन के हेनरिक स्टेंसन दो स्ट्रोक्स पीछे रहे. वुड्स का कुल चार अंडर 284 का स्कोर रहा और वह मात्सुयामा से 14 शॉट पीछे रहे.
गोल्फ के बारे में:
•    गोल्फ गेंद और क्लब से खेला जाने वाला एक व्यक्तिगत खेल है.
•    इसमें खिलाड़ी तरह-तरह के क्लबों का प्रयोग करते हुए गोल्फ के मैदान में दूरी पर स्थित एक छेद में गेंद को डालने का प्रयत्न करते हैं.

थाईलैंड पार्लियामेंट ने राजकुमार महा वजिरालोंकोर्ण को राजा बनने हेतु आमंत्रित किया-(06-DEC-2016) C.A

|
थाईलैंड की पार्लियामेंट ने 29 नवम्बर 2016 को राजकुमार वजिरालोंकोर्ण को अगला शासक नियुक्त किये जाने हेतु आमंत्रित किया. ताजपोशी से पूर्व आमंत्रित किये जाने से उन्हें अगला शासक चुने जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

वजिरालोंकोर्ण को अक्टूबर 2016 में उनके पिता राजा भूमिबोल अद्युल्यादेज के निधन के पश्चात् शासक चयनित किया गया.

देश के मौजूदा नियमों के अनुसार राजकुमार को पार्लियामेंट द्वारा भेजे गये निमंत्रण को स्वीकार करना होता है. 
महा वजिरालोंकोर्ण

•    उनका जन्म 28 जुलाई 1952 को हुआ वे पूर्व शासक भूमिबोल के एकमात्र पुत्र हैं.

•    उन्हें 20 वर्ष की आयु में राजकुमार घोषित किया गया.

•    उन्होंने ऑस्ट्रेलिया स्थित केनबरा से स्नातक डिग्री प्राप्त की.

•    वे एक प्रशिक्षित सैन्य हेलिकॉप्टर पायलट हैं.

•    उन्होंने 1970 के दशक में सैन्य अभियानों में भाग लिया था.

•    वे 234 वर्ष पुराने चकरी वंश के 10वें राजा होंगे.

•    उन्हें रामा दशम के रूप में जाना जायेगा. उनकी ताजपोशी 2017 में होगी.

•    उनके शासक पद पर स्थापित होने तक जनरल प्रेम तिन्सुलानोंदा कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष होंगे.

उसेन बोल्ट ने अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ एथलीट का पुरस्कार जीता-(06-DEC-2016) C.A

|
उसेन बोल्ट ने 2 दिसम्बर 2016 को छठी बार अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ एथलीट का पुरस्कार जीता. उन्होंने यह पुरस्कार ब्रिटेन के धावक मोहम्मद फराह और दक्षिण अफ्रीकी धावक वाडे वान निएकेर्क रूनी को पीछे छोड़ते हुए जीता. अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने उसेन बोल्ट को यह पुरस्कार दिया.
उसेन बोल्ट ने इससे पहले वर्ष 2008, वर्ष 2009, वर्ष 2011, वर्ष 2012 और वर्ष 2013 में इस पुरस्कार को जीता था.
उसेन बोल्ट के बारे में:
•    उसेन बोल्ट का जन्म 21 अगस्त 1986 को हुआ था.
•    वे 100 मीटर और 200 मीटर तथा 4x100 मीटर रिले दौड़ के विश्व रिकार्डधारी हैं.
•    वे वर्ष 2009 में 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धा में ओलंपिक खिताब पाने वाले पहले व्यक्ति बने.
•    उनकी उपलब्धियों के कारण मीडिया की ओर से उन्हें "लाइटनिंग बोल्ट" का उपनाम मिला.
•    उन्हें वर्ष 2009 को लौरस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ द इयर नामित किया गया.
•    राष्ट्रमंडल खेलों में 4x100 मीटर स्पर्धा में ग्लासगो वर्ष 2014 में स्वर्ण पदक जीता था.
•    उसेन बोल्ट के नाम 9.88 सेकंड में 100 मीटर और 19.19 सेकंड में 200 मीटर दौड़ने का विश्व रिकॉर्ड है.

मैग्नस कार्लसन ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप का ख़िताब जीता-(06-DEC-2016) C.A

|
मैग्नस कार्लसन ने 30 नवम्बर 2016 को रूसी चैलेंजर सर्जेइ कर्जाकिन को टाइब्रेकर में हराकर लगातार तीसरी बार विश्व शतरंज चैम्पियनशिप का खिताब जीत लिया. इससे पहले कार्लसन ने फिडे की चैम्पियनशिप वर्ष 2013 और वर्ष 2014 में भारत के विश्वनाथन आनंद को हराकर जीती थी.
मैग्नस कार्लसन के बारे में:
•    मैग्नस कार्लसन का जन्म 30 नबम्बर 1990  को नार्वे के टॉन्सबर्ग में हुआ था.
•    मैग्नस कार्लसन नॉर्वे के शतरंज खिलाडी हैं.
•    वे विश्व शतरंज चैम्पियनशिप जीतने वाले विश्व के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं.
•    उन्होंने मात्र 22 वर्ष, 357 दिन की उम्र में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप का खिताब जीता था.
•    वे 10 वर्ष की आयु से ही शतरंज खेलने लगे थे.
•    वे 13 वर्ष की आयु में ग्रांडमास्टर की उपाधि प्राप्त की.
विश्व शतरंज चैंपियनशिप:
•    विश्व शतरंज चैंपियनशिप शतरंज के विश्व विजेता खिलाड़ी निश्चित करने के लिए खेली जाने वाली प्रतियोगिता हैं.
•    विश्व चैम्पियनशिप आम तौर पर वर्ष 1886 में शुरू कि गयी थी.
•    वर्ष 1948 तक विश्व चैम्पियनशिप प्रतियोगिताओं खिलाड़ी के बीच निजी तौर पर व्यवस्थित किये मैच थे.

भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता-(06-DEC-2016) C.A

|
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 4 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान की टीम को हराकर एशिया कप ट्वेंटी-20 कप जीता. यह मैच थाईलैंड स्थित बैंकॉक में खेला गया.

भारत ने पाकिस्तान को 17 रनों से हराया. यह भारत द्वारा छठी बार जीता गया एशिया कप ख़िताब है.

फाइनल मुकाबले में, भारत ने पहले खेलते हुए पांच विकेट पर 121 रन बनाये.

प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ – 
मिताली राज (भारत)

सबसे अधिक रन – मिताली राज (220 रन)

सीरीज में सबसे अधिक विकेट - सना मीर (12 विक्केट, पाकिस्तान)
महिला एशिया कप

•    यह अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय ट्वेंटी-20 खेल आयोजन है. 

•    यह एशिया की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेला जाता है.

•    अब तक छह बार इस प्रतियोगिता का योजना किया जा चुका है.

•    इससे पहले 2012 एशिया कप में भात ने पकिस्तान को हराया था.

निको रोसबर्ग ने फार्मूला वन से सन्यास लिया-(06-DEC-2016) C.A

|
फार्मूला वन के विजेता खिलाड़ी निको रोसबर्ग ने 2 दिसंबर 2016 को खेल से संन्यास लेने की घोषणा की. उन्होंने विश्व चैंपियनशिप जीतने के बाद यह घोषणा की.

टीम मर्सिडीज के खिलाड़ी निको रोसबर्ग ने तीन बार चैंपियन रह चुके लुइस हैमिल्टन को 26 नवम्बर 2016 को हराकर फॉर्मूला वन वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया. 

आबू धाबी में हुई इस सीज़न की आखिरी रेस में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल कर वर्ल्ड चैंपियनशिप ख़िताब जीता. इसके साथ ही रोसबर्ग ने अपने पिता केके की बराबरी कर ली, जो 1982 में विश्व विजेता बने थे.

निको रोसबर्ग ने इस अवसर पर कहा कि रेसिंग के 25 वर्षों में भाग लेने पर यह ख़िताब उनका सपना था. कड़ी मेहनत, कई मुश्किलों और त्याग के बाद उन्होंने इसे हासिल किया. 

इक्कतीस वर्षीय रोसबर्ग ने बताया कि 'सुजुका' में जीत हासिल करने के बाद से ही वे रिटारयमेंट के बारे में सोचने लगे था. 

निको रोसबर्ग का जन्म 27 जून 1985 को जर्मनी में हुआ था।
निको रोसबर्ग

•    रोसबर्ग जर्मन मूल के फॉर्मूला वन रेसिंग ड्राइवर हैं तथा मर्सडीज़ टीम की ओर से खेलते हैं. 

•    उन्होंने सितम्बर 2016 में पहला इटैलियन ग्रां प्री फॉर्मूला वन रेस ख़िताब जीता था.

•    निको रोसबर्ग ने वर्ष 2015 आबु धाबी ग्रां प्री ख़िताब जीता.

•    उन्होंने वर्ष 2010 मर्सडीज़ की टीम की ओर से फ़ॉर्मूला वन में खेलना आरंभ किया.

•    रोसबर्ग वर्ष 1982 में विश्व चैंपियन रहे फिनलैंड के के. के. रोसबर्ग के बेटे हैं. 

•    रोसबर्ग ने फार्मूला वन रेस में वर्ष 2006 में बहरीन में पदार्पण किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर हेतु प्रदूषण कोड को मंजूरी दी-(06-DEC-2016) C.A

|
सुप्रीम कोर्ट ने 02 दिसम्बर 2016 को दिल्ली-एनसीआर में कॉमन पोल्यूशन कोड के इस्तेमाल को मंजूरी प्रदान कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने हेतु इस तरह की व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की है.
कॉमन पोल्यूशन कोड के मुख्य तथ्य-
  • ये पोल्यूशन कोड कैटेगरी के अनुसार होगा और कैटगरी हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों के आधार पर तय होगी.
  • केंद्र सरकार पोल्यूशन कोड कैटेगरी अधिसूचना जारी करेगी.
  • कोर्ट ने प्रदूषण के स्तर को चार कैटेगरी में विभाजित किया है.
  • जिसमें खराब, बहुत खराब, गंभीर, बहुत गंभीर या आपात स्थिति को शामिल किया गया है.
  • तीन न्यायाधीशों की बैंच ने दिल्ली एनसीआर हेतु प्रदूषण कोड को मंजूरी प्रदान की है.
  • जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया तीरथ सिंह ठाकुर ने की.
  • इस मामले की आगामी सुनवाई कोर्ट में जनवरी 2017 के तीसरे सप्ताह में की जाएगी.

संयुक्त राष्ट्र द्वारा शांति मिशनों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग हेतु नवीन योजना प्रस्तुत-(06-DEC-2016) C.A

|
संयुक्त राष्ट्र फील्ड सपोर्ट विभाग (डीएफएस) ने 29 नवम्बर 2016 को अपने शांति मिशनों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग हेतु नयी योजना प्रस्तुत की. इस योजना से लोगों, समाज एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को नियंत्रित किया जायेगा.

यह कदम शांति मिशनों के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा तथा प्रबंधन पर ध्यान दिए जाने के लिए उठाया गया है.

मुख्य बिंदु

•    इस योजना का उद्देश्य अक्षय उर्जा के स्रोतों में वृद्धि करना तथा बढ़ती क्षमता के चलते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है.

•    साथ ही योजना का उद्देश्य जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन को सामुदायिक स्तर पर सुधारना है.

•    संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के तहत इसे अगले छह वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है.

•    इसके लिए पांच स्तंभों का निर्माण किया गया है जिसके तहत लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं. यह स्तम्भ हैं - ऊर्जा, जल और अपशिष्ट जल, ठोस अपशिष्ट, व्यापक प्रभाव और पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली. 

•    इस योजना के पहले चरण को जुलाई 2020 में लागू किया जायेगा. इसके उपरांत निर्धारित किये गये पांच स्तंभों की पुनः समीक्षा की जाएगी. 

•    तदोपरान्त दूसरे चरण के लिए लक्ष्य निर्धारित किये जायेंगे जिसे जून 2023 में पूर्ण किया जायेगा.  
डिपार्टमेंट ऑफ़ फील्ड सपोर्ट

•    संयुक्त राष्ट्र का यह विभाग शांति मिशन एवं राजनैतिक मिशन में सहयोगी भूमिका निभाता है.

•    इसका उद्देश्य विश्व में शांति स्थापना हेतु संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को बढ़ावा देना है.

•    इस विभाग की अध्यक्षता 2 मार्च 2015 से अतुल खरे द्वारा की जा रही है.

ब्राउन कार्बन वायुमंडल को गर्म कर सकता हैः आईआईटी-(06-DEC-2016) C.A

|
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम ने अपने अध्ययन में इस बात पर जोर दिया है कि कार्बनयुक्त एयरोसॉल जैसे ब्लैक कार्बन (बीसी– BC) और कुछ कार्बनिक कार्बन की प्रजातियां जिन्हें ब्राउन कार्बन ( बीआरसी– BrC) कहते हैं, में प्रकाश को अवशोषित कर वायुमंडल के गर्म करने की क्षमता होती है.
ब्राउन कार्बन, जिनकी भूमिका के बारे में काफी कम पता है, पर किए गया यह अध्ययन उत्तर प्रदेश के कानपुर में उनके एक प्रयोग पर आधारित है. ब्राउन कार्बन के गुण को अच्छी तरह से दिखाने के लिए टीम ने कानपुर में मापी गई सबमाइक्रॉन एरोसॉल की प्रयोगात्मक और अवशोषण गुण के नमूनों को दिखाया. उनके अध्ययन में इस बात पर रौशनी डाली गई है कि पिछले अध्ययनों की तुलना में अभी के अध्ययन में ब्राउन कार्बन 365  nm तरंगदैर्ध्य पर पांच गुना अधिक अवशोषण करता है.
ब्लैक कार्बन (बीसी– BC) पूरे सौर स्पेक्ट्रम पर प्रकाश अवशोषित करता है. दूसरी तरफ ब्राउन कार्बन ( बीआरसी– BrC) पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य के करीब अवशोषण करता है और दृश्य प्रकाश में काफी कम अवशोषण करता है.
पीएम शमजाद, एसएन त्रिपाठी, नवनीत एम थांबन और हैदी वृलंद द्वारा किया गया यह अध्ययन 24 नवंबर 2016 को साइंटिफिक रिपोर्ट्स नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ था. अध्ययन ऑफलाइन और ऑनलाइन माप का उपयोग कर सबमाइक्रॉन (PM1) कार्बनयुक्त एरोसॉल प्रकाश अवशोषण के गुणों को दर्शाता है.
अध्ययन कहता है कि भारत जैसे विकासशील देशों में जहां दहन के विपुल स्रोत हैं, अवशोषण पर ब्राउन कार्बन का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण हो सकता है. टीम ने 2014-15 की सर्दियों में 50 दिनों तक कार्बनयुक्त एरोसॉल के प्रकाश अवशोषण करने के गुणों का अध्ययन किया था.
कानपुर क्यों?
अध्ययन के लिए कानपुर को इसलिए चुना गया क्योंकि यह शहर और इसके आसपास का इलाका आयुधशाला लोडिंग के लिए जाना जाता है, इसकी वजह है खुला बायोमास और कचरे का जलना. इस गतिविधि ने बड़े– पैमाने पर पार्टिकुलेट मैटर विशेष रूप से सर्दियों में, के संचय में मदद की.
कानपुर में अध्ययन के नतीजे:
नतीजे बताते हैं कि कानपुर में कुल अवशोषण में करीब 30% ब्राउन कार्बन का अवशोषण हुआ. साथ ही प्राथमिक जैविक एरोसोल द्वितियक कार्बनिकों की तुलना में अधिक योगदान करते दिखे.
कानपुर में ब्राउन कार्बन प्रकृति में अत्यधिक अवशोषक था और वाष्पशील प्रजातियों से प्रकाश के अवशोषण में मिश्रित स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
अध्ययन से पता चलता है कि PM2.5 (2.5 μm व्यास से छोटे पार्टिकुलेट मैटर) की सांद्रता 187 ± 90 μg m−3 थी ( औसत ± मानक विचलन), यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के मुकाबले 7 गुना अधिक है. इसमें इस बात को भी प्रमुखता से बताया गया है कि द्रव्यमान के मामले में ब्राउन कार्बन ब्लैक कार्बन की तुलना में 10 गुना अधिक था. ब्लैक कार्बन के अवशोषण की क्षमता ब्राउन कार्बन की तुलना में 50 गुना अधिक थी.
अध्ययन के अनुसार ब्लैक कार्बन 24 घंटे में करीब 70 फीसदी प्रकाश अवशोषित करने में सक्षम था जबकि ब्राउन कार्बन– प्रकृति में स्वतंत्र है– और इसमें प्रकाश का अवशोषण कर वायुमंडल को गर्म करने की करीब 15 फीसदी क्षमता ही है.
ब्राउन और ब्लैक कार्बन में अंतर:
ब्लैक और ब्राउन कार्बन को उनके ऑप्टिकल ( फैलाव, अवशोषण और अन्य) एवं भौतिक (रंग, वाष्पशीलता और अन्य) गुणों के आधार पर अलग किया जाता है. ये दोनों ही गैस वायुमंडल में प्रमुख अवशोषक कार्बनयुक्त एसोसोल वाले गैस हैं.
ब्राउन कार्बन (BrC)
ब्लैक कार्बन (BC)
  • BrC  का रंग भूरा होता है और इसके अवशोषण की क्षमता पराबैंगनी एवं कम दृश्य तरंगदैर्ध्य तरंगों तक सीमित होती है. 
  • एरोसोल अवशोषण द्रव्यमान, मिश्रण स्थिति, रसायनिक संयोजन और वायुमंडल में मौजूत प्रजातियों के अपवर्तनांक पर निर्भर करता है.

  • जैविक द्रव्यमान और  BC का अनुपात कणों का रंग निर्धारित करता है जो जलने की स्थिति से प्रभावित होता है.  
  • BC  रंग में गहरा होता है और पूरे स्पेक्ट्रा में प्रकाश को अवशोषित करने की मजबूत क्षमता दर्शाता है.

आर्कटिक आइस कैप के पिघलने से भयावह जलवायु परिवर्तन हो सकते हैं-(06-DEC-2016) C.A

|
आर्कटिक के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आईस कैप के तेजी से पिघलने के कारण इलाके में 19' टिप्पिंग प्वाइंट्स' के ट्रिगर होने का खतरा पैदा हो गया है. आर्कटिक रीसाइलेंस रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक के गर्म होने से पूरे विश्व में अनियंत्रित जलवायु परिवर्तन हो सकता है. इससे सूदूर स्थान जैसे हिन्द महासागर तक प्रभावित हो सकता है और नतीजे विनाशकारी हो सकते हैं.
फिलहाल आर्कटिक क्षेत्र के आस–पास का तापमान 20 डिग्री है, जो उम्मीद के अनुसार काफी अधिक है. समुद्री बर्फ की सीमा भी बीते वर्षों के मुकाबले इस वर्ष अपने न्यूनतम स्तर पर है.
ऐसे टिप्पिंग प्वाइंट्स तब आते हैं जब अचानक हुए बदलाव प्राकृतिक प्रणाली को ढंक लें और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा प्रभाव डालें. प्रभाव अक्सर अपरिवर्तनीय होते हैं.
इस मामले में मुख्य टिप्पिंग प्वाइंट में शामिल है आर्कटिक टुंड्रा पर वनस्पति का विकास जो सघन वनस्पति से हिम और हिपात की जगह ले लेते हैं, बदले में वे अधिक ताप अवशोषित करते हैं और नतीजतन प्रबल ग्रीनहाउस गैस, मीथेन अधिक मात्रा में निकलने लगती है.
यह प्रक्रिया बर्फ के वितरण में बदलाव का कारण बन जाएगा जो महासागर को गर्म कर देगा. परिणाम होगा वैश्विक जलवायु परिवर्तन जिससे एशिया जैसे दूर स्थित महाद्वीप का मानसून भी प्रभावित होगा. इससे पूरी दुनिया के महासागरीय जीवन पर प्रभाव पड़ेगा और आर्कटिक मछलीपालन श्रृंखला टूट जाएगी. सबसे बुरा प्रभाव आर्कटिक क्षेत्र में और उसके आस–पास रहने वाले लोगों पर पड़ेगा.
आर्कटिक काउंसिल और छह विश्वविद्यालयों समेत 11 संगठनों  द्वारा तैयार किया जाने वाला आर्कटिक रिसाइलेंस रिपोर्ट  बिल्कुल सही समय पर आया है. ऐसे में जब पूरी दुनिया के देशों के लिए जलवायु परिवर्तन बेहद चिंता का विषय बन चुका है, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नासा द्वारा जलवायु परिवर्तन और अन्य संघीय एजेंसियों द्वारा अंतरिक्ष के अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बजट के पुनर्आवंटन की योजना बना रहे हैं.

नेत्रहीनों के लिए स्मार्ट केन दूर से ही अवरोध को पहचान सकती हैः वैज्ञानिक-(06-DEC-2016) C.A

|
वैज्ञानिकों ने नवंबर 2016 के तीसरे सप्ताह में एक ऐसा स्मार्ट केन (स्मार्ट छड़ी/बेंत) विकसित किया जो नेत्रहीनों के जीवन को बदल कर रख सकता है. यह स्मार्ट केन उनकी लाठी की लंबाई से भी अधिक दूर की बाधाओं को पहचान सकता है.
इस स्मार्ट केन को 'माईस्मार्टकेन– mySmartCane' नाम दिया गया है. इसे यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, यूके के शोधकर्ताओं ने बनाया था.
नेत्रहीनों के लिए स्मार्ट केन कैसे मददगार होगा?
•    यह काफी हद तक आम कार पार्किंग सेंसर के जैसे काम करता है.
•    केन में लगा अल्ट्रासोनिक बॉल व्यक्ति जिस दिशा में बढ़ रहा होगा उस दिशा में मौजूद अवरोध को काफी दूर से ही बिना किसी तार के पहचान लेगा और उसे ऑडियो संकेत में बदल देगा.
•    ध्वनि की आवृत्ति से नेत्रहीन व्यक्ति केन के उस वस्तु तक पहुंचने से पहले ही, अवरोध की दूरी का निर्धारण कर लेगा.
•    उपयोगकर्ता एक हेडफोन या बोनकंडक्टिंग हेडफोन्स के जोड़े के माध्यम से ध्वनि सुन सकता है. यह उन्हें अपनी स्वतंत्रता खोए बिना बाहरी वातावरण में हो रही हलचल को सुनने में भी सक्षम बनाएगा.
•    यह आधुनिक सफेद– केन सरल और कम लागत वाला है क्योंकि इसमें ज्यादातर मौजूद सफेद– केन के तले में लगाए जाने वाले अल्ट्रासोनिक सेंसर बॉल बनाने के लिए 3D प्रिंटिंग और सस्ते सेंसर लगाए गए हैं.  
पृष्ठभूमि:
यूनिवर्सिटीज स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के Vasileios Tsormpatzoudis ने कम लागत वाले एम्बेडेड कंप्यूटर को लगाकर सफेद केन को अपग्रेड किया है. सदियों से यह सिर्फ गतिशील उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था.
रेटिनिस पिग्मेंटोसा  (retinis pigmentosa), आंखों की अनुवांशिक बीमारी जो रेटिना को प्रभावित करती है, से ग्रस्त अपनी मां की समस्याओं से इन्हें mySmartCane विकसित करने की प्रेरणा मिली.