मुस्कान की उत्पत्ति को लेकर किये गये अध्ययन, स्माइलिंग बेबी मंकी एंड रूट्स ऑफ़ लाफ्टर, द्वारा शोधकर्ताओं ने पाया कि मुस्कान की उत्पत्ति 30 मिलियन वर्ष पूर्व हुई. शोधकर्ताओं के अनुसार हमारे पूर्वज बंदरों द्वारा इसकी शुरुआत हुई.
शोधकर्ताओं की इस टीम में फुमितो कावाकामी, मसाकी टोमोनागा एवं जूरी सुजुकी शामिल हैं. वे सभी जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी से हैं तथा इस संबंध में 3 अगस्त 2016 को शोधपत्र भी प्रकाशित किया गया.
शोध की विशेषताएं
• अध्ययन के अनुसार चिम्पंज़ियों के बच्चों में खेलते, सोते एवं खाते समय उनके चेहरे पर मुस्कान के लक्षण देखे गये.
शोधकर्ताओं की इस टीम में फुमितो कावाकामी, मसाकी टोमोनागा एवं जूरी सुजुकी शामिल हैं. वे सभी जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी से हैं तथा इस संबंध में 3 अगस्त 2016 को शोधपत्र भी प्रकाशित किया गया.
शोध की विशेषताएं
• अध्ययन के अनुसार चिम्पंज़ियों के बच्चों में खेलते, सोते एवं खाते समय उनके चेहरे पर मुस्कान के लक्षण देखे गये.
• यह मुस्कान के शुरुआती लक्षण थे जो आगे चलकर हंसी एवं ठहाकों में परिवर्तित हुए.
• चिम्पंज़ियों की उस तत्कालीन मुस्कान में उनके द्वारा होठों में लाये गये तनाव एवं बदलती हुई बनावट को देखा गया.
• इस प्रकार की बनावट केवल मानव एवं चिम्पंजियों में ही नहीं देखी गयी अपितु अफ़्रीकी लंगूर, मकाक, में भी पायी गयी.
पृष्ठभूमि
मुख्य शोधकर्ता फुमितो कावाकामी ने पाया कि नवजात मकाक का चेक-अप करते वक्त में मुस्कुरा रहे थे. इस शोध में वैज्ञानिकों ने सात नवजात मकाक पर प्रयोग करके 58 तत्कालीन मुस्कराहट के लक्षण पाए.
मकाक प्रजाति में लघु मुस्कराहट देखी गयी जिसमें वे मानव नवजात शिशुओं की भांति धीरे से मुस्कुरा देते हैं. ऐसा उनमें सोते समय भी पाया गया तथा पूर्ण मुस्कान की बजाय असंतुलित मुस्कान अधिक देखी गयी.
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