केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 अगस्त 2016 को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कर्मचारियों हेतु पेंशन एवं सेवानिवृत्ति बाद चिकित्सा योजनाओं को सार्वजनिक उपक्रम विभाग (डीपीई) के दिशानिर्देश के तहत सेवानिवृत्ति लाभ के तौर पर लागू करने को मंजूरी दी.
इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की.
इन दोनों योजनाओं को लागू करने से कर्मचारियों के वर्तमान वेतन स्तर पर 134.4 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा.
दिसम्बर
इन दोनों योजनाओं को लागू करने से कर्मचारियों के वर्तमान वेतन स्तर पर 134.4 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा.
दिसम्बर
एफसीआई कर्मचारियों हेतु नई पेंशन योजना की मुख्य बातें-
- कवरेज- इस योजना के दायरे में निगम के सभी कर्मचारी होंगे. 1 दिसम्बर 2008 को पेरोल पर (श्रेणी 1, 2, 3 एवं 4) अथवा उसके बाद नियुक्त सभी कर्मचारी इसके दायरे में होंगे.
- पात्रता- सेवानिवृत्ति लाभ से पहले न्यूनतम 15 वर्षों की सेवा अवधि, मृत्यु को छोड़कर सभी कर्मचारी पात्र होंगे.
- लागू होने की प्रभावी तिथि- 1.12.2008 (संशोधित वेतन भत्ते की प्रभावी तिथि के अनुसार)
- नियोक्ता का योगदान- 1.12.2008 को और उसके बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों हेतु उनके मूल वेतन और डीए का 10 प्रतिशत प्रति महीना.
- कर्मचारियों का अनिवार्य योगदान- मूल वेतन और डीए का 2 प्रतिशत प्रति महीना होगा. कर्मचारियों का स्वैच्छिक योगदान- मूल वेतन और डीए का 25 प्रतिशत प्रति महीना.
- लाभ- सेवानिविृत्ति पर पेंशन (वार्षिकी) और मृत्यु कवर का भी लाभ कर्मचारी को मिलेगा.
एफसीआई कर्मचारियों के लिए नई सेवानिवृत्ति बाद चिकित्सा योजना की मुख्य बातें-
- प्रयोज्यता- सेवानिवृत्त लोगों के लिए वर्तमान कर्मचारियों द्वारा वित्त पोषित चिकित्सा स्वास्थ्य योजना के सभी सदस्यों के साथ निगम के प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारी इसके लिए प्रयोज्य होंगे. पात्रता- सेवानिवृत्ति से पहले न्यूनतम 15 वर्षों की सेवा अवधि, मृत्यु को छोड़कर सभी पात्र हैं.
- नियोक्ता का योगदान- मूल वेतन और डीए का 3.83 प्रतिशत जो 01.04.2016 से प्रभावी माना जाएगा.
- कर्मचारी का योगदान- सेवानिवृत्ति/सेवा के दौरान मृत्यु (पत्नी के लिए) के समय अंतिम मूल वेतन और डीए जो कम से कम 10,000 रुपये होना चाहिए.
- कवरेज- इस योजना के तहत सेवानिवृत्त सदस्य, उनकी पत्नी या पति और आश्रित विक्लांग बच्चे का भारत के किसी भी अस्पताल में कुल वार्षिक सीमा के भीतर चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी.
पृष्ठभूमिः
एफसीआई की स्थापना अनाजों की खरीद, भंडारण, वितरण और बिक्री के उद्देश्यों के साथ 1965 में फूड कॉर्पोरेशंस एक्ट 1964 के तहत की गई थी.
देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी अहम भूमिका रही है.
रणनीतिक महत्व, परिचालन दायरा और अन्य मानदंडों के आधार पर एफसीआई को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) की अनुसूची ‘ए’ में जगह दी गई है.
एफसीआई की स्थापना अनाजों की खरीद, भंडारण, वितरण और बिक्री के उद्देश्यों के साथ 1965 में फूड कॉर्पोरेशंस एक्ट 1964 के तहत की गई थी.
देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी अहम भूमिका रही है.
रणनीतिक महत्व, परिचालन दायरा और अन्य मानदंडों के आधार पर एफसीआई को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) की अनुसूची ‘ए’ में जगह दी गई है.
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