मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में आनंद विभाग की स्थापना को मंजूरी दी-(17-JUL-2016) C.A

| Sunday, July 17, 2016
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 15 जुलाई 2016 को प्रदेश में आनंद विभाग बनाने को मंजूरी दे दी है. देश में पहली बार इस तरह का विभाग किसी प्रदेश में बन रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद मध्य प्रदेश के पहले आनंद मंत्री होंगे. इसके विभाग तहत लोगों के जीवन में आनंद लाने के तरीकों पर काम किया जाएगा.
विभाग में ज्ञान संसाधन केंद्र बनाया जाएगा, जो मंत्रालय की भूमिका, उसके आकार को तय करेगा. विभाग के लिए सरकार ने 3.60 करोड़ का बजट रखा है. विभाग पहले यह अनुसंधान करेगा कि किस तरह लोगों के जीवन में आनंद लाया जा सकता है.
खुशी विभाग के कार्य:
•    आनंद एवं सकुशलता को मापने के पैमानों की पहचान करेगा
•    इसका प्रसार करने के लिए विभागों के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा
•    नीतियों का निर्धारण, अमल, एक्शन प्लान और पूरी प्रक्रिया को मुख्य धारा में लाना
•    प्रदेश की जनता का विभाग को लेकर फीडबैक लेना
•    आनंद विभाग के असर का सर्वे करके रिपोर्ट प्रकाशित करना
•    एक ज्ञान संसाधन केंद्र के रूप में काम करना
आनंद विभाग में एक अध्यक्ष, एक सीईओ, एक निदेशक अनुसंधान, एक निदेशक समन्वय, एक लेखा अधिकारी, एक अनुसंधान सहायक, छह कनिष्ठ सहायक और पांच चपरासी शामिल होंगे.
खुशहाली के मामले में 118वें नंबर पर भारत:
संयुक्त राष्ट्र संघ की 2016 की रिपोर्ट के अनुसार भारत खुशहाली के मामले में 118वें नंबर पर है. रिपोर्ट के मुताबिक स्विटजरलैंड के लोग सबसे खुशहाल हैं. भूटान में 70 के दशक से ही नेशनल हैप्पीनेस इंडेक्स की अवधारणा लागू है.
ईर्ष्या, राग, द्वेष, क्रोध, मत्सर, लोभ, अहंकार आदि मानस रोग आनंद की प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा हैं. इन मानस रोगों से छुटकारा पाते ही मनुष्य के अंदर सहज ही सदा रहने वाले आनंद के सोते फूट पड़ते हैं. इन मानसिक व्याधियों को दूर करने में योग, ध्यान, प्राणायाम, भक्ति, अध्ययन, संगीत, खेलकूद आदि सहायक होते हैं.

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