ऑपरेशन राहत: वर्ष 2015 में भारत द्वारा यमन में हवा और समुद्र में चलाया गया ऑपरेशन
फरवरी 2016 के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन राहत उस समय चर्चा में रहा जब इंग्लैंड की रॉयल नेवी ने यमन में भारत द्वारा चलाए गये इस अभियान का अधिकारिक अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की.
फरवरी 2016 के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन राहत उस समय चर्चा में रहा जब इंग्लैंड की रॉयल नेवी ने यमन में भारत द्वारा चलाए गये इस अभियान का अधिकारिक अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की.
रॉयल नेवी ऑपरेशन राहत का गहन अध्ययन करना चाहती है तथा इसमें निहित योजनाओं को भी जानने की इच्छुक है. इसे किस प्रकार अंजाम दिया गया यह भी रॉयल नेवी जानना चाहती है.
ऑपरेशन राहत संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्र में आयोजित अब तक के सबसे कठिन तारकीय बचाव अभियानों में से एक है.
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 10 दिन में 5600 लोगों को बचाया जिसमें 41 देशों के 960 नागरिक भी शामिल थे.
इसमें आईएनएस सुमित्रा, आईएनएस मुंबई, आईएनएस तरकश जैसे विशाल नौसेनिक बेड़े को शामिल किया गया. इसके अतिरिक्त नागरिक जहाज कवारत्ती एवं कोरल सहित 180 सीटों वाले एयरबस ए320 हवाई जहाज को भी लगाया गया. इसे विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, एयर इंडिया, जहाजरानी मंत्रालय एवं रेलवे मंत्रालय के सहयोग से सफल बनाया जा सका.
जिन देशों के नागरिकों को बचाया गया, उनमें शामिल प्रमुख देश हैं – इंग्लैंड, जर्मनी, बहरीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, रूस, श्रीलंका, स्वीडन, कनाडा, फ्रांस, इंडोनेशिया, रोमानिया, मिस्र, हंगरी, इटली, जॉर्डन, नेपाल एवं अन्य.
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