नेपाल में प्रस्तावित संविधान के रुपरेखा पर राजनीतिक दलों के बीच समझौता-(13-JUNE-2015) C.A

| Saturday, June 13, 2015
प्रस्तावित राष्ट्रीय संविधान पर 9 जून 2015 को नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों के मध्य एक समझौता हुआ. जिसके तहत चुनावी और न्यायिक प्रणाली, के संघीय ढांचा, सुशासन उपलब्ध कराने का मसौदा तय किया गया.
सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस (एनसी), मुख्य विपक्षी पार्टी एकीकृत कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल (यूसीपीएन) के नेताओं, माओवादियों और दो अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच राजधानी काठमांडू में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए.
समझौते की मुख्य विशेषताएं

नेपाल आठ संघीय राज्यों में विभाजित किया जाएगा, जिनके नाम और सीमाओं के बारे में अलग निकायों द्वारा निर्णय लिया जाएगा. 
एक नया संघीय आयोग देश की आंतरिक सीमाओं के निर्धारण पर काम करेगा और सीमाओं की मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव संसद में प्रस्तुत किया जाएगा.
राष्ट्र में सुशासन के लिए नेपाल अपनी मौजूदा प्रणाली के अनुसार कार्य करता रहेगा, जिसमें देश के कार्यकारी प्रधानमंत्री और औपचारिक राष्ट्रपति भी शामिल हैं.
बैठक में तय किया गया कि देश में स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जायं, जो पूर्व में 1997 में आयोजित हुए थे. 
संविधान का अंतिम मसौदा, दो-तिहाई संसदीय बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए, जिसके  जुलाई 2015 तक तैयार हो जाने की उम्मीद है.

टिप्पणी
25 अप्रैल को देश में आए भूकंप में लगभग 8500 लोग मारे गए और करीब 10 लाख लोग (कुल जनसंख्या का लगभग आधा भाग) प्रभावित हुए. इससे निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर वैध राजनीतिक और प्रशासनिक संरचना की कमी के कारण भूकंप के बाद देश की एकता व आपात स्थितियों से निपटने के लिए राजनीतिक दलों को एकता दिखाने और नया संविधान लिखने की प्रक्रिया शीघ्रता पूर्वक करने पर जोर दिया गया.


नए संवैधानिक ढांचे पर 2008 के बाद से गतिरोध कायम है. प्रांतीय सीमाओं के महत्वपूर्ण मुद्दे को अगर  अनसुलझे छोड़ दिया जाय तो यह भविष्य में समस्या को जन्म दे सकता है. यूसीपीएन माओवादी लंबे समय से अलग राज्य की मांग कर रहे हैं. यह ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे समुदायों के पक्ष में हो सकता है.एनसी  जैसी दूसरी राजनीतिक पार्टियों का तर्क है कि यह विभाजनकारी और खतरनाक होगा.
2008 के बाद नेपाल ने एक नए राष्ट्रीय संविधान पर काम करना शुरू कर दिया है.

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