संयुक्त राज्य अमेरिका 3 नवंबर 2014
को ‘वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक शिखर
सम्मेलन 2015’ का सहयोगी बन गया.
वाइब्रेंट गुजरात समारोह में हिस्सा लेने वाला अमेरिका आठवां देश हो
गया है. अन्य भागीदार देशों में ब्रिटेन, नीदरलैंड,
कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर,
दक्षिण अफ्रीका और जापान शामिल हैं. यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल
(यूएसबीआईसी) और फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ भी इसमें
हिस्सा लेंगे.
पृष्ठभूमि
अब तक अमेरिका खुद को इस द्विवार्षिक व्यापार समारोह से अलग बनाए हुए
था क्योंकि उसने 2002 में हुए सांप्रदायिक हिंसा के दौरान
धार्मिक अधिकारों के कथित उल्लंघन के आरोपों के मद्देनजर 2005 में गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के वीजा पर प्रतिबंध
लगा दिया था.
सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की
अमेरिकी यात्रा के तुरंत बाद अमेरिकी सरकार ने गुजरात सरकार को गुजरात वैश्विक
निवेशक शिखर सम्मेलन में भागीदार देश बनने के प्रति अपनी रुची दिखाते हुए एक
प्रस्ताव भेजा. इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 15 जनवरी 2015
को गांधीनगर में होगा.
वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (वीजीजीआईएस)
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वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (वीजीजीआईएस)
गुजरात सरकार द्वारा गुजरात के विकास के लिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने हेतु
आयोजित किया जाने वाले एक द्विवार्षित शिखर सम्मेलन है.
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यह शिखर सम्मेलन गुजरात वैश्विक हो रहा है, के थीम पर आधारित है और इसका उद्देश्य व्यापार नेताओं, निवेशकों ,निगमों, सोच नेताओं,
नीतियों और निति निर्माताओँ को एक साथ लाना है.
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पहला वीजीजीआईएस 2003 में आयोजित किया
गया था जिसमें 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के 76 समझौते हुए थे. करीब 125 विदेशी प्रतिनिधियों,
200– आप्रवासी भारतियों, 200 प्रमुख गणमान्य
व्यक्तियों और करीब 45 देशों के भागीदारों ने समारोह में
शिरकत की थी.
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वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2013 में करीब 121 देशों ने हिस्सा लिया था. इसमें 2100
से भी अधिक विदेशी प्रतिनिधि और करीब 58000 भारतीय
प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी. जापान औऱ कनाडा शिखर सम्मेलन के लिए भागीदार देश थे.
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