पेंटागन ने अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थायित्व पर रिपोर्ट सैंपी-(06-NOV-2014) C.A

| Thursday, November 6, 2014
पेंटागन ने अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थायित्व पर अपनी छहमाही रिपोर्ट अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष 4 नवंबर 2014 को पेश की. अपनी रिपोर्ट में पेंटागन ने पाकिस्तान पर यह कहते हुए आरोप लगाया कि अफगान और क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए अफगानऔर भारत केंद्रित आतंकवाद का संचालन पाकिस्तान की सीमा से जारी है.

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अफगानिस्तान में अपने प्रभाव के कम होने के खिलाफ ऐसे बलों का प्रयोग कर रहा है और भारत के बेहतर सैन्य शक्ति का भी मुकाबला कर रहा है. अफगानिस्ताननीत सुलह का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान की सार्वजनिक प्रतिबद्धता के संदर्भ में पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे समूह अफगानिस्तानपाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों में प्राथमिक अड़चन पैदा करने का काम कर रहे हैं. 

अपनी रिपोर्ट में पेंटागन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शपथग्रहण समारोह से सिर्फ तीन दिनों पहले हर्ट में भारतीय दूतावास पर हुए हमले का भी जिक्र किया जिसमें चार सशस्त्र आतंकवादियों का एक समूह शामिल था और इस घटना को जानबूझ कर समारोह के समय अंजाम दिए जाने की बात कही.
 
अपनी रिपोर्ट में पेंटागन ने स्थायी और सुरक्षित अफगानिस्तान का समर्थन और भारतीय प्रतिबद्धता और वर्ष 2011 में हुए भारत एवं अफगानिस्तान सामरिक साझेदारी घोषणा की सराहना की. इस घोषणा के तहत दोनों देशों ने प्रशासन, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, शिक्षा, लोक प्रशासन और सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन पर औपचारिक सहयोग पर सहमति जताई थी. 
 
रिपोर्ट पर भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने यह कहते हुए पेंटागन की रिपोर्ट का स्वागत किया कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात को स्वीकार करने लगा हैं कि आतंकवाद को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है.
टिप्पणीः एक दशक या उससे भी अधिक समय से पाकिस्तान आतंकवादियों और उनकी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है लेकिन पेंटागन की रिपोर्ट पाकिस्तान को आतंकवाद का अड्डा बनने की दो प्रमुख वजह बताया है. पहला भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा और दूसरा अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना का हटाया जाना. पाकिस्तान जानता है कि भविष्य में सुरक्षित अफगानिस्तान के निर्माण में भारत की अहम भूमिका होगी और इससे अफगानिस्तान को लाभ होगा और मध्य एशिया के आर्थिक गलियारों की सुविधाएं बढ़ेंगी.



0 comments:

Post a Comment