केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बिना दावे वाले पीपीएफ का मूल्यांकन करने के लिए एच आर खान पैनल बनाया-(10-SEP-2014) C.A

| Wednesday, September 10, 2014

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बिना दावे वाले पीपीएफ और डाक घर बचत के मूल्यांकन के लिए एच आर खान पैनल का गठन 3 सितंबर 2014 को किया. एच आर खान आरबीआई के डिप्टी गवर्नर हैं.
पैनल में डाक विभाग के सचिव, वित्त मंत्रालय के केंद्रीय विधि एवं बजट प्रभाग के संयुक्त सचिव, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप प्रबंध निदेशक और पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं.
पैनल बिना दावे वाले फंड का वरिष्ठ नागरिकों के लाभ के लिए इस्तेमाल के तरीकों का सुझाव देगा. इसके साथ ही पैनल इन फंडों की रिकवरी के लिए कानूनी फ्रेमवर्क में जरूरी बदलाव और बिना दावे के जमा को सरकार या अलग खाते में रखा जाए, के बारे में भी सुझाव देगा.
पैनल को 31 दिसंबर 2014 तक अपनी रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है.
पैनल का गठन पीपीएफ और छोटी बचत योजनाओं के बिना दावे वाली राशि का पता लगाने के लिए किसी प्रकार के आधिकारिक अनुमान होने के तथ्य के आलोक में गठित किया गया था. हालांकि, माना जा रहा है कि यह राशि हजारों करोड़ रुपयों की हो सकती है.
इसके अलावा, डाक विभाग में अगर किसी डाक घर बचत खाता में पिछले तीन वर्ष से किसी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ हो तो उसे निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है.
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)
15
वर्ष की निवेश योजना पीपीएफ कर में छूट प्रदान करती है. पीपीएफ में न्यूनतम वार्षिक निवेश 500 रुपये का है.
केंद्रीय बजट वर्ष 2014–15 में पीपीएफ के अधिकतम वार्षिक निवेश सीमा को पचास हजार रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की गई थी. अब अधिकतम वार्षिक निवेश सीमा 1.5 लाख रुपयों की है.


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