दिल्ली में 1 मई 2014 को आयोजित
एक समारोह में वरिष्ठ पत्रकार बी जी वर्गीज की पुस्तक ‘पोस्ट
हेस्ट क्विंटेसेंशियल इंडिया’ का विमोचन हुआ.
‘पोस्ट हेस्ट क्विंटेसेंशियल इंडिया’ पुस्तक का
विमोचन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष कर्ण सिंह, पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह, न्यायमूर्ति लीला सेठ
और शिक्षाविद अमिता वट्टल ने संयुक्त रूप से किया.
बी जी वर्गीज की पुस्तक ‘पोस्ट हेस्ट क्विंटेसेंशियल इंडिया’ में भारत की समृद्ध विरासत, विविध आस्थाओं, स्वतंत्रता संग्राम, संविधान की रचना और अन्य अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का प्रस्तुतीकरण डाक टिकट (स्टांप) के माध्यम से की गई है.
वर्गीज ने 1000 डाक टिकट (स्टांप) के माध्यम से अपनी किताब में ‘इंडिया दैट इज भारत’ की कहानी प्रस्तुत की है.
विदित हो कि वरिष्ठ पत्रकार बी जी वर्गीज वर्ष 1969 से 1975 तक हिंदुस्तान टाइम्स एवं वर्ष 1982 से 1986 तक द इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक रहे. वर्ष 1986 से वे दिल्ली स्थित ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च’ के एसोसिएट फेलो के पद पर है. उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं- डिजाईन फॉर टुमॉरो (Design For Tomorrow), विनिंग दि फ्यूचर (Winning the Future), वार्म आई (worm eye).
नोट - बी जी वर्गीज को वर्ष 1975 में पत्रकारिता में उनके विशिष्ट योगदान हेतु ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.
बी जी वर्गीज की पुस्तक ‘पोस्ट हेस्ट क्विंटेसेंशियल इंडिया’ में भारत की समृद्ध विरासत, विविध आस्थाओं, स्वतंत्रता संग्राम, संविधान की रचना और अन्य अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का प्रस्तुतीकरण डाक टिकट (स्टांप) के माध्यम से की गई है.
वर्गीज ने 1000 डाक टिकट (स्टांप) के माध्यम से अपनी किताब में ‘इंडिया दैट इज भारत’ की कहानी प्रस्तुत की है.
विदित हो कि वरिष्ठ पत्रकार बी जी वर्गीज वर्ष 1969 से 1975 तक हिंदुस्तान टाइम्स एवं वर्ष 1982 से 1986 तक द इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक रहे. वर्ष 1986 से वे दिल्ली स्थित ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च’ के एसोसिएट फेलो के पद पर है. उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं- डिजाईन फॉर टुमॉरो (Design For Tomorrow), विनिंग दि फ्यूचर (Winning the Future), वार्म आई (worm eye).
नोट - बी जी वर्गीज को वर्ष 1975 में पत्रकारिता में उनके विशिष्ट योगदान हेतु ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.
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