स्लोवाकिया और यूक्रेन ने गैस आपूर्ति के लिए फ्रेमवर्क इंटरकनेक्शन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये-(01-MAY-2013) C.A

| Thursday, May 1, 2014
स्लोवाकिया और यूक्रेन ने 28 अप्रैल 2014 को गैस आपूर्ति के लिए फ्रेमवर्क इंटरकनेक्शन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये. समझौते पर ब्रातिस्लावा में हस्ताक्षर किए गए. इसके बाद यूक्रेन को गैस की आपूर्ति स्लोवाकिया के रास्ते मध्य यूरोप से हो सकेगी.
एग्रीमेंट पर यूरोपियाई आयोग की मध्यस्थता में स्लोवाकियाई कंपनी ईयूस्ट्रीम और यूक्रेन की कंपनी यूक्रांसगैज ने हस्ताक्षर किए. एग्रीमेंट के मुताबिक यूक्रेन को गैस की आपूर्ति अनुपयोगी स्लोवाकिया के वेल्के कापुसानी के वोजानी पाइपलाइन के जरिए की जाएगी. यह पाइपलाइन यूक्रेन को प्रतिवर्ष 8 बिलियन क्युबिक मीटर (बीसीएम) गैस आपूर्ति करने की क्षमता रखता है. पूरी तरह से बनने और अप्रैल 2015 तक बहाल हो जाने के बाद इस पाइपलाइन की क्षमता रोजाना 22 मिलियन क्युबिक मीटर गैस आपूर्ति करने की हो जाएगी.
समझौते का महत्व
ईयू से यूक्रेन को सफलतापूर्व गैस आपूर्ति के कार्यान्वयन से यूक्रेन विभिन्न गैस स्रोतों का उपयोग कर सकेगा. उदाहरण के लिए, यूरेन के पास नॉर्वे की गैस या वैश्विक बाजार से तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) प्रतिस्पर्धी कीमतों पर मिलेगी.
इससे गैस आपूर्ति के लिए यूक्रेन की रूस पर निर्भरता कम होगी और यूक्रेन को अपने गैस आपूर्ति स्रोत में विविधता लाने में मदद मिलेगी. अप्रैल 2014 में जर्मन ऊर्जा कंपनी आरडब्ल्यूई ने पोलैंड के रास्ते गैस की आपूर्ति शुरु कर दी जो एक वर्ष में 10 बीसीएम गैस की आपूर्ति करने की क्षमता ऱखता है.
इससे यूरोपीय संघ के साथ यूक्रेन की आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा. इससे यूक्रेन को वर्तमान आर्थिक और वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी. हालांकि ऊर्जा समुदाय का सदस्य होने के नाते यूक्रेन को ईयू के आंतरिक ऊर्जा बाजार कानून के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना होगा. यूक्रेन के कानूनी और विनियामक ढांचे की समीपता निवेशकों के उच्च विश्वास के लिए आवश्यक है और यह यूक्रेन के विशाल गैस के बुनियादी ढांचे के बेहतर उपयोग कर सकता है.
पृष्ठभूमि
यह समझौता फरवरी 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के बाद रूसी कंपनी गैजप्रोम द्वारा यूक्रेन  को दी जाने वाली गैस की कीमतों को दुगुना करने की वजह से किया गया है. यूक्रेन पर गैजप्रोम का 2.2 बिलियन डॉलर बकाया है. यूक्रेन ने गैस के लिए दुगुनी कीमत चुकाने से मना कर दिया था और रुसी कंपनी गैजप्रोम का विकल्प तलाश रहा था.


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