प्राकृतिक गैस, उर्वरक और पेट्रोलियम रिफाइनरी क्षेत्रों के
कमजोर प्रदर्शन की वजह से नवम्बर में आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 1.7
प्रतिशत पर आ गई. आठ बुनियादी उद्योगों कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट व बिजली की वृद्धि दर नवम्बर 2012
में 5.8 प्रतिशत रही थी. यह आंकड़े नई
दिल्ली में 31 दिसंबर 2013 को
जारी किए गए.
आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तवर्ष (2013-14) की अप्रैल से नवम्बर की अवधि में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर मात्र 2.5 प्रतिशत रही, जो वित्तवर्ष 2012-13 की समान अवधि में 6.7 प्रतिशत रही थी.
इन आठ बुनियादी उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 38 फीसद का भारांश है. नवम्बर 2013 माह के आईआईपी आंकड़े जनवरी के दूसरे सप्ताह में जारी किए जाएंगे.
नवम्बर 2013 में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 11.3 प्रतिशत घट गया. इसी तरह पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन में 5 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं उर्वरक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 0.6 प्रतिशत रह गई.
राजकोषीय घाटा लक्ष्य के 94 फीसद पर पहुंचा
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के अनुसार देश का राजकोषीय घाटा अप्रैल-नवम्बर में 5,09,557 करोड़ रपए हो गया जो वार्षिक बजट का 93.9 प्रतिशत है. सरकार ने राजकोषीय घाटा 5,42,499 करोड़ रपए रहने का अनुमान जताया है. वित्तवर्ष 2012-13 के नवम्बर में राजकोषीय घाटा बजटीय अनुमान का 80.4 प्रतिशत है. भारत सरकार ने राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है जो वित्तवर्ष 2012-13 में 4.9 प्रतिशत था.
देश का विदेशी ऋण 400 अरब डालर हुआ
देश पर कुल विदेशी कर्ज सितम्बर अंत में 400.3 अरब डालर रहा जिसमें 77.3 अरब डालर का बोझ सरकार पर है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार ‘सरकार पर विदेशी कर्ज सितम्बर 2013 की समाप्ति पर 77.3 अरब डालर पर था. यह देश के कुल विदेशी कर्ज का 19.3 प्रतिशत है. मार्च 2013 के अंत में यह 81.7 अरब डालर था और उसकी तुलना में यह कम हुआ है.’
मंत्रालय के अनुसार सितम्बर की समाप्ति पर 400.3 अरब डालर के कुल विदेशी कर्ज में मार्च अंत के मुकाबले 90 लाख डालर की कमी आई है.
आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तवर्ष (2013-14) की अप्रैल से नवम्बर की अवधि में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर मात्र 2.5 प्रतिशत रही, जो वित्तवर्ष 2012-13 की समान अवधि में 6.7 प्रतिशत रही थी.
इन आठ बुनियादी उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 38 फीसद का भारांश है. नवम्बर 2013 माह के आईआईपी आंकड़े जनवरी के दूसरे सप्ताह में जारी किए जाएंगे.
नवम्बर 2013 में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 11.3 प्रतिशत घट गया. इसी तरह पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन में 5 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं उर्वरक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 0.6 प्रतिशत रह गई.
राजकोषीय घाटा लक्ष्य के 94 फीसद पर पहुंचा
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के अनुसार देश का राजकोषीय घाटा अप्रैल-नवम्बर में 5,09,557 करोड़ रपए हो गया जो वार्षिक बजट का 93.9 प्रतिशत है. सरकार ने राजकोषीय घाटा 5,42,499 करोड़ रपए रहने का अनुमान जताया है. वित्तवर्ष 2012-13 के नवम्बर में राजकोषीय घाटा बजटीय अनुमान का 80.4 प्रतिशत है. भारत सरकार ने राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है जो वित्तवर्ष 2012-13 में 4.9 प्रतिशत था.
देश का विदेशी ऋण 400 अरब डालर हुआ
देश पर कुल विदेशी कर्ज सितम्बर अंत में 400.3 अरब डालर रहा जिसमें 77.3 अरब डालर का बोझ सरकार पर है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार ‘सरकार पर विदेशी कर्ज सितम्बर 2013 की समाप्ति पर 77.3 अरब डालर पर था. यह देश के कुल विदेशी कर्ज का 19.3 प्रतिशत है. मार्च 2013 के अंत में यह 81.7 अरब डालर था और उसकी तुलना में यह कम हुआ है.’
मंत्रालय के अनुसार सितम्बर की समाप्ति पर 400.3 अरब डालर के कुल विदेशी कर्ज में मार्च अंत के मुकाबले 90 लाख डालर की कमी आई है.
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