भारत और सऊदी अरब ने घरेलू सेवाकर्मियों की भर्ती के लिए
श्रम सहयोग पर नई दिल्ली में 2 जनवरी 2014 को समझौता किया . इस समझौते पर प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार
रवि तथा सऊदी अरब के श्रम मंत्री अदेल बिन मोहम्मद फाकीह ने हस्ताक्षर किये.
समझौते का उद्देश्य
• समझौते का उद्देश्य नियोक्ताओं तथा घरेलू सेवाकर्मी के अधिकारों की रक्षा करना तथा दोनों के बीच ठेका समझौते का विनियम करना.
• इसका प्रयास दोनों देशों में भर्ती लागत को नियंत्रित करना.
समझौते की प्रमुख विशेषताएं
• यह समझौता प्रत्यक्ष रुप से पंजीकृत भर्ती एजेंसियों के जरिए घरेलू क्षेत्र के कर्मियों की भर्ती सुनिश्चित करता है.
• यह समझौता नियोक्ता तथा घरेलू कर्मियों के बीच रोजगार संविदा की प्रामाणिकता तथा क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है.
• समझौता दोनों देशों में से किसी भी देश के कानून के उलंघन के मामले में भर्ती करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कानूनी उपाय सुनिश्चित करता है.
• यह समझौता सुनिश्चित करता है कि भर्ती करने वाली एजेंसी और नियोक्ता घरेलू कर्मियों पर कोई शुल्क नहीं लागएंगे या उनके वेतन से किसी तरह की कटौती नहीं करेंगे.
• समझौता यह सुनिश्चित करता है कि भर्ती करने वाली एजेंसियां तथा नियोक्ता किसी तरह कि अनाधिकृत वेतन कटौती नहीं करेंगे.
• इससे घरेलू कर्मियों और मालिकों में बीच मधुर संबंध बनाने में सहायता मिलेगी.
• इससे घरेलू क्षेत्र के कर्मियों के नाम पर बैंक खाता खोलने में मालिकों को सुविधा मिलेगी.
• इससे घरेलू क्षेत्र के कर्मियों को 24 घंटे सहायता प्रदान करने के लिए प्रणाली बनाने में सहायता मिलेगी.
• इससे अनुबंध पूरा होने पर या आपात स्थिति में, जैसी भी जरूरत पड़े, वापस लौटने का वीजा जारी करने में सहायता मिलेगी.
• एक मानक रोजगार अनुबंध को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके तहत न्यूनतम मजदूरी, काम के घंटे, वेतन सहित अवकाश और विवाद को हल करने की प्रणाली शामिल होगी.
सऊदी अरब में सभी भारतीय कर्मियों के संबंध में श्रम सहयोग पर एक समग्र समझौता करने की दिशा में यह पहला कदम है. सऊदी अरब में लगभग 28 लाख भारतीय हैं और वे प्रवासी समुदायों में सबसे अधिक हैं. अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के कारण सऊदी अरब में भारतीयों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जाती है.
विदित हो कि व्यालार रवि अप्रैल 2013 में सऊदी अरब की यात्रा पर गये थे तब उनकी यात्रा के दौरान इस समझौते की रूप रेखा तैयार की गई थी. उस दौरान दोनों मंत्रियों ने इस पर चर्चा करने और इससे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की थी.
समझौते का उद्देश्य
• समझौते का उद्देश्य नियोक्ताओं तथा घरेलू सेवाकर्मी के अधिकारों की रक्षा करना तथा दोनों के बीच ठेका समझौते का विनियम करना.
• इसका प्रयास दोनों देशों में भर्ती लागत को नियंत्रित करना.
समझौते की प्रमुख विशेषताएं
• यह समझौता प्रत्यक्ष रुप से पंजीकृत भर्ती एजेंसियों के जरिए घरेलू क्षेत्र के कर्मियों की भर्ती सुनिश्चित करता है.
• यह समझौता नियोक्ता तथा घरेलू कर्मियों के बीच रोजगार संविदा की प्रामाणिकता तथा क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है.
• समझौता दोनों देशों में से किसी भी देश के कानून के उलंघन के मामले में भर्ती करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कानूनी उपाय सुनिश्चित करता है.
• यह समझौता सुनिश्चित करता है कि भर्ती करने वाली एजेंसी और नियोक्ता घरेलू कर्मियों पर कोई शुल्क नहीं लागएंगे या उनके वेतन से किसी तरह की कटौती नहीं करेंगे.
• समझौता यह सुनिश्चित करता है कि भर्ती करने वाली एजेंसियां तथा नियोक्ता किसी तरह कि अनाधिकृत वेतन कटौती नहीं करेंगे.
• इससे घरेलू कर्मियों और मालिकों में बीच मधुर संबंध बनाने में सहायता मिलेगी.
• इससे घरेलू क्षेत्र के कर्मियों के नाम पर बैंक खाता खोलने में मालिकों को सुविधा मिलेगी.
• इससे घरेलू क्षेत्र के कर्मियों को 24 घंटे सहायता प्रदान करने के लिए प्रणाली बनाने में सहायता मिलेगी.
• इससे अनुबंध पूरा होने पर या आपात स्थिति में, जैसी भी जरूरत पड़े, वापस लौटने का वीजा जारी करने में सहायता मिलेगी.
• एक मानक रोजगार अनुबंध को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके तहत न्यूनतम मजदूरी, काम के घंटे, वेतन सहित अवकाश और विवाद को हल करने की प्रणाली शामिल होगी.
सऊदी अरब में सभी भारतीय कर्मियों के संबंध में श्रम सहयोग पर एक समग्र समझौता करने की दिशा में यह पहला कदम है. सऊदी अरब में लगभग 28 लाख भारतीय हैं और वे प्रवासी समुदायों में सबसे अधिक हैं. अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के कारण सऊदी अरब में भारतीयों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जाती है.
विदित हो कि व्यालार रवि अप्रैल 2013 में सऊदी अरब की यात्रा पर गये थे तब उनकी यात्रा के दौरान इस समझौते की रूप रेखा तैयार की गई थी. उस दौरान दोनों मंत्रियों ने इस पर चर्चा करने और इससे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की थी.
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