राष्ट्रपति ने गुजरात भूमि विधेयक 2016 को मंजूरी दी-(13-AUG-2016) C.A

| Saturday, August 13, 2016
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 11 अगस्त 2016 को गुजरात भूमि विधेयक 2016 को मंजूरी दी. इस विधेयक में तत्कालीन संप्रग सरकार की ओर से लाये गए संबंधित कानून में ‘सार्वजनिक उद्देश्यों’ और 'औद्योगिक कोरीडोर' के लिए भूमि अधिग्रहण करने के वास्ते किये गए सामाजिक प्रभाव आकलन और सहमति के प्रमुख प्रावधानों को हटाया गया है. कानून को स्वतंत्रता दिवस के दिन राज्य में लागू किया जाएगा.
वर्ष 2013 में भूमि कानून में कई विसंगतियां थीं. हमारा यह नया संशोधित कानून उन विसंगतियों को हटाएगा और इससे राज्य में तेजी से विकास सुगम होगा.
संशोधित विधेयक को इस वर्ष 31 मार्च 2016 को राज्य विधानसभा ने पारित किया था. उसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था. वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद नरेन्द्र मोदी की सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन लायी थी.
विधेयक के महत्वपूर्ण प्रावधानों में रक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं जैसे वायु ठिकाना, रक्षा उत्पाद इकाइयां, स्कूल, सड़क, नहर और सस्ते आवास आदि निर्माण के लिए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) को समाप्त करना शामिल है.
अन्य महत्वपूर्ण संशोधन यह है कि औद्योगिक कोरीडोर और पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में सरकार एसआईए नहीं कराएगी.
केंद्रीय कानून के मुताबिक जमीन अधिग्रहण के लिए 80 फीसदी जमीन मालिकों की सहमति आवश्यक है. नये विधेयक के मुताबिक यदि सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन के अधिग्रहण की जरूरत है तो इन प्रावधानों का पालन नहीं किया जाएगा. औद्योगिक विकास से संबंधित अधिग्रहण के लिए यह बरकरार रहेगा.

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