थाईलैंड की जनता ने सात अगस्त 2016 को सैन्य समर्थित नए संविधान को स्वीकृति प्रदान कर दी. जिससे अगले साल चुनाव का रास्ता साफ हो गया.
यह भविष्य की निर्वाचित सरकारों को लेकर अंतिम फैसला करने की ताकत देगा.
यह भविष्य की निर्वाचित सरकारों को लेकर अंतिम फैसला करने की ताकत देगा.
थाईलैंड में मतदाताओं ने दो साल पहले सरकार को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के बाद पहली बार मतदान किया.
थाईलैंड के निर्वाचन आयोग के अनुसार 91 फीसदी मतों की गिनती हो चुकी है और 61 फीसदी लोगों ने सैन्य समर्थित संविधान के पक्ष में मतदान किया है.
सैन्य समर्थित संविधानसैन्य समर्थित संविधान के लाभ-
सैन्य समर्थित संविधानसैन्य समर्थित संविधान के लाभ-
- नये संविधान से अगले साल चुनाव का रास्ता साफ हो सकता है.
- सेना के अनुसार नए संविधान से राजनीतिक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और स्थिरता आएगी हालांकि आलोचकों ने कहा कि यह संविधान सरकार पर सेना का नियंत्रण बढ़ाने वाला है.
- बैंकॉक के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा के अनुसार मतदान का दिन देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है.
- यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य प्रक्रिया एवं लोकतंत्र का हिस्सा है.
- मतदान के बाद नए संविधान का मसौदा स्थायी संविधान का रूप ले लेगा.
- सेना ने साल 2014 में तख्तापलट के बाद सत्ता पर कब्जा कर लिया था और देश में ‘स्वच्छ राजनीति’ सुनिश्चित करने हेतु संविधान को फिर से लिखे जाने का आह्वान किया था.
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