इसे उनके आत्मकथात्मक उपन्यास 'फैमिली लाइफ' के लिए दिया गया. उन्हें पुरस्कार स्वरूप एक लाख यूरो (करीब 75 लाख रुपये) की राशि मिली.
'फैमिली लाइफ' को वर्ष 2015 का फोलियो पुरस्कार भी मिल चुका है. यह पुरस्कार ब्रिटेन में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित फिक्शन श्रेणी की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं को दिया जाता है. उस समय पुरस्कार स्वरूप अखिल को ट्रॉफी और 40 हजार पौंड मिले थे. दिल्ली में जन्में अखिल शर्मा अब न्यूयॉर्क में रहते हैं.
'फैमिली लाइफ'
'फैमिली लाइफ' एक ऐसे व्यक्ति पर आधारित कहानी है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में परिवार सहित दिल्ली से न्यूयॉर्क जाकर बस जाता है. वहां एक दुर्घटना में बड़े भाई का ब्रेन डेड हो जाता है. इस घटना के पश्चात् उन परिवार का परिदृश्य ही बदल जाता है. अखिल ने यह उपन्यास 13 वर्षों में पूरा किया.
'फैमिली लाइफ' एक ऐसे व्यक्ति पर आधारित कहानी है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में परिवार सहित दिल्ली से न्यूयॉर्क जाकर बस जाता है. वहां एक दुर्घटना में बड़े भाई का ब्रेन डेड हो जाता है. इस घटना के पश्चात् उन परिवार का परिदृश्य ही बदल जाता है. अखिल ने यह उपन्यास 13 वर्षों में पूरा किया.
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