फ्रांस की सीनेट ने 3 फ़रवरी 2016 को सर्वसम्मति से एक एसा क़ानून पारित किया जिसके अंतर्गत सुपरमार्केटों द्वारा खाद्य पदार्थों की बर्बादी को प्रतिबंधित किया गया है. इस तरह के क़ानून को पारित करने वाला फ़्रांस पहला देश बन गया है.
प्रायः सुपरमार्केट खाद्य पदार्थों की समयअवधि समाप्त होने पर उन्हें फेक देते हैं. इसलिए फ़्रांस सीनेट ने यह कानून पारित करके सभी सुपरमार्केटों को बाध्य किया है की वह इन खाद्य पदार्थों को फेकने के बजाए दान करें.
यह कानून गरीबी उन्मूलन को समर्पित एक संगठन द्वारा दायर की गई याचिका के बाद पारित किया गया.
प्रायः सुपरमार्केट खाद्य पदार्थों की समयअवधि समाप्त होने पर उन्हें फेक देते हैं. इसलिए फ़्रांस सीनेट ने यह कानून पारित करके सभी सुपरमार्केटों को बाध्य किया है की वह इन खाद्य पदार्थों को फेकने के बजाए दान करें.
यह कानून गरीबी उन्मूलन को समर्पित एक संगठन द्वारा दायर की गई याचिका के बाद पारित किया गया.
कानून के मुख्य बिंदु
• नए कानून के साथ अंतर्गत कानून को न पूरा करने वाले सुपरमार्केटों को 75000 यूरो का जुर्माना और 2 साल की जेल हो सकती है.
• सभी सुपरमार्केटों को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा जिसके तहत खाद्य पदार्थ खराब होने से पहले उसे दान करना या खाद्य बैंकों को देना अनिवार्य होगा.
• कानून के अंतर्गत खाद्य वस्तुओं पर ब्लीच डालने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
• नए कानून के साथ अंतर्गत कानून को न पूरा करने वाले सुपरमार्केटों को 75000 यूरो का जुर्माना और 2 साल की जेल हो सकती है.
• सभी सुपरमार्केटों को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा जिसके तहत खाद्य पदार्थ खराब होने से पहले उसे दान करना या खाद्य बैंकों को देना अनिवार्य होगा.
• कानून के अंतर्गत खाद्य वस्तुओं पर ब्लीच डालने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
0 comments:
Post a Comment