कृष्णा-गोदावरी नदियों को वापस में जोड़ने का काम संपन्न-(18-SEP-2015) C.A

| Friday, September 18, 2015
देश में पहली बार दो नदियों (कृष्णा-गोदावरी) को जोड़ने का काम 16 सितंबर 2015 को आंध्र प्रदेश में पूरा हुआ. यहां कृष्णा और गोदावरी नदियों को आपस में जोड़ दिया गया. इस अवसर पर गोदावरी नदी से पोलावरम नहर के जरिए 80 टीएमसी पानी कृष्णा नदी में छोड़ा गया.
कृष्णा-गोदावरी नदियों को वापस में जोड़े जाने से कृष्णा, गुंटूर, प्रकाशम, कुर्नूल, कडप्पा, अनंतपुर और चित्तूर जिले के किसानों को इससे फायदा होगा. करीब 17 लाख एकड़ (13 लाख एकड़ कृष्णा डेल्टा में) जमीन पर दो फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. इसके अलावा सैकड़ों गांवों तक पीने का पानी पहुंचेगा. इसके साथ ही कृष्णा-गोदावरी नदियों को वापस में जोड़ा जाना देश के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि लंबे समय से भारत में नेशनल वॉटर ग्रिड बनाने की कोशिश हो रही है.
विदित हो कि देश में नदियों को जोड़ने की पहली कोशिश सबसे पहले करीब 200 साल पहले ब्रिटिश इंजीनियर सर आर्थर काटन ने की थी. आर्थर, धोलाश्वेरम से निकलने वाली गोदावरी को विजयवाड़ा की कृष्णा नदी से जोड़ना चाहते थे. इसके बाद इंजीनियर के.एल. राव ने वर्ष 1950 में पहली बार नदियों को जोड़ने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया.

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