भारतीय मूल के अमेरिकी प्रो. आर पॉल सिंह को जीसीएचइआरए विश्व कृषि
पुरस्कार 2015 के लिए नामित किया गया. जीसीएचइआरए का
अर्थ ग्लोबल कन्फेडरेशन फॉर हाइयर एजुकेशन एसोसिएशन फॉर एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंस
(Global Confederation for Higher Education Associations for Agriculture
and Life Sciences) है.
इस अवार्ड की घोषणा सीजीएचईआरए के वार्षिक सम्मेलन के दौरान की गई, जिसका आयोजन 24-26 जून 2015 को
लेबानान के जोनेह स्थित होली स्पीरिट यूनिवर्सिटी ऑफ कासलिक में किया गया. यह
पुरस्कार 20 सितंबर 2015 को नानजिंग
कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह के दौरान दिया जाना है.
यह पुरस्कार उन्हें फूड इंजीनियरिंग अनुसंधान, शिक्षा, विकास, परामर्श, और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देने लिए दिया जाएगा.
प्रो. आर पॉल सिंह यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया डेविस में जैविक और कृषि इंजीनियरिंग विभाग तथा खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी में दोहरे पदों को धारण किए हैं. पॉल एक विश्व प्रसिद्ध खाद्य वैज्ञानिक और कृषि इंजीनियर है.
नासा के साथ हुए समझौते के तहत उनके शोध समूह ने मंगल के मानवयुक्त अभियान के लिए खाद्य प्रसंस्करण उपकरण तैयार किया था.
यह पुरस्कार उन्हें फूड इंजीनियरिंग अनुसंधान, शिक्षा, विकास, परामर्श, और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देने लिए दिया जाएगा.
प्रो. आर पॉल सिंह यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया डेविस में जैविक और कृषि इंजीनियरिंग विभाग तथा खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी में दोहरे पदों को धारण किए हैं. पॉल एक विश्व प्रसिद्ध खाद्य वैज्ञानिक और कृषि इंजीनियर है.
नासा के साथ हुए समझौते के तहत उनके शोध समूह ने मंगल के मानवयुक्त अभियान के लिए खाद्य प्रसंस्करण उपकरण तैयार किया था.
प्रमुख
तथ्य
• प्रो. आर पॉल सिंह भारत के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से कृषि इंजीनियरिग करने वाले सिंह ऊर्जा संरक्षण, फसल कटाई के बाद इस्तेमाल होने वाली तकनीक सहित अन्य क्षेत्रों में शोध के लिए जाने जाते हैं.
• उन्होंने ब्राजील, भारत, पेरू, पुर्तगाल और थाईलैंड सहित विश्वभर के संस्थानों में खाद्य इंजीनियरिग को स्थापित करने तथा इसके विकास में मदद की.
• प्रो. आर पॉल सिंह ह ने स्नातकोत्तर और पीएचडी क्रमश: यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोनसिन-मेडिसन और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से की थी. इसके एक साल बाद 1975 में वह यूसी डैविस से बतौर प्राध्यापक से जुड़े.
जीसीएचइआरए से संबंधित मुख्य तथ्य
जीसीएचइआरए का अर्थ ग्लोबल कन्फेडरेशन फॉर हाइयर एजुकेशन एसोसिएशन फॉर एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंस (Global Confederation for Higher Education Associations for Agriculture and Life Sciences) है.
यह एक गैर लाभ संगठन है जिसका कार्यालय फ्रांस के पेरिस में है. इस परिसंघ की जीसीएचइआरए के रूप में कल्पना पहली बार वर्ष 1998 में राष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, यूक्रेन की 100 वीं वर्षगांठ के अवसर पर की थी.
• प्रो. आर पॉल सिंह भारत के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से कृषि इंजीनियरिग करने वाले सिंह ऊर्जा संरक्षण, फसल कटाई के बाद इस्तेमाल होने वाली तकनीक सहित अन्य क्षेत्रों में शोध के लिए जाने जाते हैं.
• उन्होंने ब्राजील, भारत, पेरू, पुर्तगाल और थाईलैंड सहित विश्वभर के संस्थानों में खाद्य इंजीनियरिग को स्थापित करने तथा इसके विकास में मदद की.
• प्रो. आर पॉल सिंह ह ने स्नातकोत्तर और पीएचडी क्रमश: यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोनसिन-मेडिसन और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से की थी. इसके एक साल बाद 1975 में वह यूसी डैविस से बतौर प्राध्यापक से जुड़े.
जीसीएचइआरए से संबंधित मुख्य तथ्य
जीसीएचइआरए का अर्थ ग्लोबल कन्फेडरेशन फॉर हाइयर एजुकेशन एसोसिएशन फॉर एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंस (Global Confederation for Higher Education Associations for Agriculture and Life Sciences) है.
यह एक गैर लाभ संगठन है जिसका कार्यालय फ्रांस के पेरिस में है. इस परिसंघ की जीसीएचइआरए के रूप में कल्पना पहली बार वर्ष 1998 में राष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, यूक्रेन की 100 वीं वर्षगांठ के अवसर पर की थी.
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