कमोडोर सीडी बालाजी (सेवानिवृत्त) ने वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए)
और हल्के लड़ाकू विमान के कार्यक्रम निदेशक (एलसीए) का पदभार 3 जुलाई 2015 को ग्रहण किया. उन्होंने 30 जून 2015 को सेवानिवृत्त हुए वैज्ञानिक पीएस
सुब्रमण्यम का स्थान लिया.
इस नियुक्ति से पहले, बालाजी
एलसीए के नौसैनिक संस्करण के परियोजना निदेशक थे.
सीडी बालाजी सितंबर 1978 में भारतीय नौसेना की इंजीनियरिंग शाखा में कमीशन प्राप्त किया और वह तभी से नेवल एविएशन शाखा से जुड़े रहे.
वह विमान वाहक पोत विक्रांत तैयार करने में तीन वर्षों तक आईएनएएस 310 में एक हवाई अभियंता अधिकारी के रूप में कार्य किया.
नौसैनिक संस्करण के हलके लड़ाकू विमान को विकसित करने के लिए वह वर्ष 2002 में एडीए में प्रतिनियुक्ति पर शामिल हुए. दिसंबर 2006 में उन्होंने नौसेना छोड़ दिया और पूरी तरह से एडीए से जुड़ गए.
बालाजी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बेंगलूर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और एयरोस्पेस में परास्नातक किया.
बेंगलूर आधारित एडीए वायु सेना और नौसेना के लिए लड़ाकू विमान के विकास का नेतृत्व वाली एक प्रमुख मल्टी एजेंसी संस्था है.
सीडी बालाजी सितंबर 1978 में भारतीय नौसेना की इंजीनियरिंग शाखा में कमीशन प्राप्त किया और वह तभी से नेवल एविएशन शाखा से जुड़े रहे.
वह विमान वाहक पोत विक्रांत तैयार करने में तीन वर्षों तक आईएनएएस 310 में एक हवाई अभियंता अधिकारी के रूप में कार्य किया.
नौसैनिक संस्करण के हलके लड़ाकू विमान को विकसित करने के लिए वह वर्ष 2002 में एडीए में प्रतिनियुक्ति पर शामिल हुए. दिसंबर 2006 में उन्होंने नौसेना छोड़ दिया और पूरी तरह से एडीए से जुड़ गए.
बालाजी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बेंगलूर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और एयरोस्पेस में परास्नातक किया.
बेंगलूर आधारित एडीए वायु सेना और नौसेना के लिए लड़ाकू विमान के विकास का नेतृत्व वाली एक प्रमुख मल्टी एजेंसी संस्था है.
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