भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2015 को नई दिल्ली में डिजिटल भारत सप्ताह का
शुभारंभ किया.
इस सप्ताह का उद्देश्य अगस्त 2014 में शुरू किए गए डिजिटल भारत कार्यक्रम के तहत शुरू की गई विभिन्न पहलों के बारे में लोगों की को प्रोत्साहित करना और जागरूकता फैलाना.
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग अन्य विभागों और मंत्रालयों के सहयोग से डिजिटल भारत कार्यक्रम को लागू करने वाली नोडल एजेंसी है.
डिजिटल भारत, भारत को डिजिटली सशक्त समाज में बदलने वाला एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम.
उक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के क्रम में कई परियोजनाओं/उत्पादों को केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा शुरू किया गया है.
इस सप्ताह का उद्देश्य अगस्त 2014 में शुरू किए गए डिजिटल भारत कार्यक्रम के तहत शुरू की गई विभिन्न पहलों के बारे में लोगों की को प्रोत्साहित करना और जागरूकता फैलाना.
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग अन्य विभागों और मंत्रालयों के सहयोग से डिजिटल भारत कार्यक्रम को लागू करने वाली नोडल एजेंसी है.
डिजिटल भारत, भारत को डिजिटली सशक्त समाज में बदलने वाला एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम.
उक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के क्रम में कई परियोजनाओं/उत्पादों को केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा शुरू किया गया है.
शुरू की गई परियोजना या उत्पाद निम्नलिखित हैं –
• डिजिटल लॉकर सिस्टम भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करने और ई दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
• “MyGov.in”को नागरिक भागीदारी को बढाने वाले एक मंच के रूप में लाया गया है.इस क्रम में MyGov.in एप का भी शुभारम्भ किया गया था.
• स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) मोबाइल एप्लिकेशन स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लोगों और सरकारी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा.
• ई-साइन नागरिकों को डिजिटल आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कर दस्तावेज पर ऑनलाइन हस्ताक्षर करने की सुविधा प्रदान करेगा.
• ई-अस्पताल आवेदन के तहत ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली (ओआरएस) को शुरू किया गया है. इस एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, भुगतान, ऑनलाइन रिपोर्ट, रक्त की उपलब्धता की पूछताछ आदि महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है.
• राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा.
• भारत नेट एक उच्च गति डिजिटल मंच प्रदान कर देश के सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा. यह विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी परियोजना है.
• बीएसएनएल ने आईपी आधारित आवाज, डेटा, मल्टीमीडिया/वीडियो और पैकेट की अन्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए अगली पीढ़ी के नेटवर्क (एनजीएन) को शुरू किआ है.
• इलेक्ट्रॉनिक्स विकास कोष (ईडीएफ) नीति की घोषणा की गई है जिसका उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास और उत्पाद विकास को बढ़ावा देना है.
• लचीला इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए राष्ट्रीय केन्द्र (एनसीफ्लेक्सई) लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स के उभरते क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक पहल है.
• इंटरनेट ऑन थिंग्स (आईओटी) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग,ई.आर.नेट और नैसकॉम की एक संयुक्त पहल है.
• डिजिटल लॉकर सिस्टम भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करने और ई दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
• “MyGov.in”को नागरिक भागीदारी को बढाने वाले एक मंच के रूप में लाया गया है.इस क्रम में MyGov.in एप का भी शुभारम्भ किया गया था.
• स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) मोबाइल एप्लिकेशन स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लोगों और सरकारी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा.
• ई-साइन नागरिकों को डिजिटल आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कर दस्तावेज पर ऑनलाइन हस्ताक्षर करने की सुविधा प्रदान करेगा.
• ई-अस्पताल आवेदन के तहत ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली (ओआरएस) को शुरू किया गया है. इस एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, भुगतान, ऑनलाइन रिपोर्ट, रक्त की उपलब्धता की पूछताछ आदि महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है.
• राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा.
• भारत नेट एक उच्च गति डिजिटल मंच प्रदान कर देश के सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा. यह विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी परियोजना है.
• बीएसएनएल ने आईपी आधारित आवाज, डेटा, मल्टीमीडिया/वीडियो और पैकेट की अन्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए अगली पीढ़ी के नेटवर्क (एनजीएन) को शुरू किआ है.
• इलेक्ट्रॉनिक्स विकास कोष (ईडीएफ) नीति की घोषणा की गई है जिसका उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास और उत्पाद विकास को बढ़ावा देना है.
• लचीला इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए राष्ट्रीय केन्द्र (एनसीफ्लेक्सई) लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स के उभरते क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक पहल है.
• इंटरनेट ऑन थिंग्स (आईओटी) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग,ई.आर.नेट और नैसकॉम की एक संयुक्त पहल है.
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