असम के दो उद्यमियों (सत्यकी सैकिया और पुलक रॉय) ने अपशिष्ट प्रबंधन
हेतु लोक सेवा से संबंधित संस्थाओं के साथ जून 2015 में
एक समझौते पर हस्ताक्षर किया. नागरिक निकायों के साथ किये गए इस समझौते के तहत ठोस
अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के आधार पर प्लास्टिक के खतरों को कम करना है.
विदित हो कि इस परियोजना का मूल उद्देश्य नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट के खतरों और प्रदूषण से समाज को बचाना है. इस तरह की परियोजना ओड़िसा, बिहार एवं बंगाल में पहले से ही संचालित हो रही है. इस तरह की प्रत्येक परियोजना की लगत 20 से 30 करोड़ की होती है, जिसे भारत सरकार वहन करती है.
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