अंतरिक्ष वैज्ञानिक के
सिवान को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) का निदेशक 1 जून 2015 को नियुक्त किया गया. के सिवान ने मई 2015
में सेवानिवृत्त हुए एम चंद्रदाथान का स्थान लिया. वैज्ञानिक के
सिवान वीएसएससी के निदेशक नियुक्त होने से पहले तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र (LPSC),
तिरुवनंतपुरम के निदेशक थे.
के. सिवान वर्ष 1982 में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) परियोजना के लिए इसरो में शामिल हुए.
के. सिवान वर्ष 1982 में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) परियोजना के लिए इसरो में शामिल हुए.
विक्रम
साराभाई अंतरिक्ष केंद्र
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (Vikram Sarabhai Space Centre) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण केंद्र है. यह केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है.
यहां पर रॉकेट, प्रक्षेपण यान एवं कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण एवं उनसे सम्बंधित तकनीकी का विकास किया जाता है. इस केंद्र की शुरुआत थम्बा भूमध्यरेखीय रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र (Thumba Equatorial Rocket Launching Station, TERLS) के रूप में वर्ष 1962 में हुई थी. इसका पुनः नामकरण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र रखा गया.
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (Vikram Sarabhai Space Centre) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण केंद्र है. यह केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है.
यहां पर रॉकेट, प्रक्षेपण यान एवं कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण एवं उनसे सम्बंधित तकनीकी का विकास किया जाता है. इस केंद्र की शुरुआत थम्बा भूमध्यरेखीय रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र (Thumba Equatorial Rocket Launching Station, TERLS) के रूप में वर्ष 1962 में हुई थी. इसका पुनः नामकरण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र रखा गया.
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