बांग्लादेश के मंत्रिमंडल
ने संशोधित भारत-बांग्लांदेश व्यापार समझौते को मंजूरी प्रदान की.
इस मंजूरी के साथ ही क्षेत्रीय व्यापार में एक बड़ी बाधा दूर होने
का मार्ग प्रशस्त हो गया. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में 6
अप्रैल 2015 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की
बैठक में इस संशोधित समझौते को अनुमोदित किया गया.
इस समझौते के अंतर्गत
दोनों देश तीसरे देश को सामान भेजने के लिए एक दूसरे के जमीन व जल मार्गों का
इस्तेमाल कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें शुल्क
देना होगा. दोनों देश आपसी विचार विमर्श से शुल्क का निर्धारण
करेंगें जो दोनों देशों के लिए समान होगा.
इस संशोधित समझौते से बांग्लादेश, भारतीय क्षेत्र के ज़रिए नेपाल और भूटान के लिए और भारत, बांग्लादेश के जरिये म्यांमार को माल भेज सकेगा.
इस समझौते में नया प्रावधान जोड़ा गया है. इसके तहत दोनों देशों के बीच सहमति की स्थिति कायम रहने पर यह समझौता पांच वर्षों के बाद स्वतः नवीकृत हो जाएगा.
इस संशोधित समझौते से बांग्लादेश, भारतीय क्षेत्र के ज़रिए नेपाल और भूटान के लिए और भारत, बांग्लादेश के जरिये म्यांमार को माल भेज सकेगा.
इस समझौते में नया प्रावधान जोड़ा गया है. इसके तहत दोनों देशों के बीच सहमति की स्थिति कायम रहने पर यह समझौता पांच वर्षों के बाद स्वतः नवीकृत हो जाएगा.
बांग्लादेश के वाणिज्य
मंत्री तुफैल अहमद के अनुसार संशोधित समझौते पर प्रधानमंत्री शेख हसीना की नई
दिल्ली यात्रा के समय या भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ढाका आगमन पर
हस्ताक्षर किए जाएंगे.
विदित हो कि भारत और बांग्लादेश ने मूल व्यापार समझौते (original trade agreement) पर वर्ष 1972 में हस्ताक्षर किए थे.
विदित हो कि भारत और बांग्लादेश ने मूल व्यापार समझौते (original trade agreement) पर वर्ष 1972 में हस्ताक्षर किए थे.
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