महाराष्ट्र सरकार के राज्य मंत्रिमंडल ने 3
मार्च 2015 को आधार से जुड़े राशन कार्ड जारी
करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.इस कदम के पीछे उद्देश्य अवैध लाभकर्ताओं को लाभ
लेने से रोकना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है.
इस कार्यक्रम को दो चरणों में चलाया जाएगा, इस कार्यक्रम के पहले चरण में 173.72 करोड़ रुपए के
आधार से जुड़े राशन कार्ड राज्य के सभी 2.32 करोड़ राशन
कार्ड धारकों को वितरित किए जाएंगे.
दूसरे चरण के अंतर्गत राज्य की सभी पीडीएस दुकानों को
मोबाइल टर्मिनल प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ा जाएगा जो बॉयोमीट्रिक नेटवर्क से भी
जुड़ीं होंगी जिसके कारण अनाज वितरण से पहले लाभार्थी की सम्पूर्ण जानकारी को
एकत्रित किया जा सकेगा.
राशन कार्ड को आधार से जोड़ने का कारण
पीडीएस दुकानों में हो रही अनियमितता और अवैध लाभार्थियों
द्वारा नकली राशन कार्ड के मध्यम से उठाया जा रहा लाभ ही राशन कार्ड को आधार से
जोड़ने का मुख्य कारण है.
आधार
से जुड़े राशन कार्ड कार्यक्रम का लाभ
इससे जरुरतमंदों को ही सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं
का लाभ मिलेगा साथ ही इससे लाभार्थियों की सही सही संख्या का अनुमान लगाना संभव
होगा.
इस कार्यक्रम के प्रारंभ के साथ महाराष्ट्र भारत में
तीसरा ऐसा राज्य होगा जिसमे आधार से जुड़े राशन कार्ड कार्यक्रम को चालाया गया है
इसके अलावा अन्य दो राज्यों पंजाब और गुजरात हैं.
इस कार्यक्रम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013
के तहत लाभ की निगरानी करना भी संभव होगा .
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