लोकसभा में 3 दिसंबर 2014 को स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर
विधेयक 2014 विधेयक पेश किया गया, जिसे
ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.
वास्तु अध्ययन में शिक्षा और
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्कूल्स ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के
तीनों मौजूदा संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया है. ये संस्थान
नई दिल्ली, भोपाल और विजयवाड़ा में स्थित हैं. नई
स्थिति के अनुसार ये संस्थान डिग्री भी प्रदान कर सकेंगे. इसके लिए संसद के एक
अधिनियम द्वारा संस्थान को एक डीम्ड विश्वविद्यालय बनाया जाएगा.
स्कूल
ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर विधेयक,
2014 के प्रावधान
• तीनों संस्थान विधेयक के प्रावधान के तहत छात्रों को डिग्री प्रदान करने के अर्ह होंगे.
• इस विधेयक में वास्तुकला और योजना के क्षेत्र में नीतिगत मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए प्रौद्योगिकी (आईआईटी) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के भारतीय संस्थानों के समान स्पा (स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर) के लिए एक परिषद की स्थापना करने का प्रस्ताव है.
• इस विधेयक से प्रवेश और आरक्षण नीति आईआईटी और एनआईटी के समान इन संस्थानों में भी लागू हो जाएगी.
• तीनों संस्थान विधेयक के प्रावधान के तहत छात्रों को डिग्री प्रदान करने के अर्ह होंगे.
• इस विधेयक में वास्तुकला और योजना के क्षेत्र में नीतिगत मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए प्रौद्योगिकी (आईआईटी) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के भारतीय संस्थानों के समान स्पा (स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर) के लिए एक परिषद की स्थापना करने का प्रस्ताव है.
• इस विधेयक से प्रवेश और आरक्षण नीति आईआईटी और एनआईटी के समान इन संस्थानों में भी लागू हो जाएगी.
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