हिंदी फिल्मों के मशहूर हास्य अभिनेता देवेन वर्मा नहीं रहे. 78 वर्षीय देवेन वर्मा की मंगलवार रात 2 बजे दिल का
दौरा पड़ने से मौत हो गई. अपने 47 साल के फिल्मी करियर में
देवेन ने बतौर हास्य अभिनेता 150 से ज्यादा फिल्मों में काम
किया. देवेन वर्मा को एक्टर संजीव कुमार के साथ की गई फिल्म 'अंगूर' (1982) के लिए काफी याद किया जाता है. 'अंगूर' शेक्सपीयर की मशहूर कृति 'कॉमेडी ऑफ एरर्स' पर आधारित फिल्म थी। उन्हें तीन
बार फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें 'अंगूर' में निभाए गए 'बहादुर'
के किरदार के लिए मिला अवॉर्ड भी शामिल है. देवेन ने एक्टिंग के
अलावा चार फिल्मों का निर्देशन भी किया.
देवेन वर्मा के बारे में-
• देवेन वर्मा का जन्म 23 अक्टूबर, 1937 को पुणे में हुआ था.
• देवेन वर्मा ने पुणे में ही अपनी शिक्षा पूरी की और कॉलेज की पढाई पूरी कर 1959 में मुंबई आ गए.
• देवेन वर्मा ने यश चोपड़ा की फिल्म 'धर्मपुत्र' (1961) से अभिनय की शुरुआत की, जो 2003 में प्रदर्शित 'कलकत्ता मेल' तक जारी रही.
• बी आर चोपड़ा की 'गुमराह' उनकी अगली फिल्म थी. ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'अनुपमा' के अलावा 'बहारें फिर भी आएंगी' से उन्हें प्रसिद्धि मिली .
• 'अंगूर', 'खट्टा मीठा', 'प्रोफेसर की पड़ोसन', 'नास्तिक', 'चोर के घर चोर' जैसी हास्य फिल्में देवेन की चचित फिल्में रहीं.
• देवेन वर्मा को 1976 में 'चोरी मेरा काम' के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.
• देवेन वर्मा को 'चोर के घर चोर' (1979) और 'अंगूर' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया.
• देवेन वर्मा ने 'नादान', 'बड़ा कबूतर', 'बेशर्म' और 'दाना-पानी' में भी काम किया.
• 'बेशर्म' में अमिताभ बच्चनऔर शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे.
• देवेन वर्मा ने नब्बे के दशक में 'चमत्कार'(1992), 'दिल तो पागल है'(1997), 'क्या कहना'(2000), 'दिल'(1990), 'इश्क'(1997), 'हलचल'(1995), 'दीवाना'(1992), 'अंदाज अपना-अपना' (1994) जैसी फिल्मों में भी काम किया. इन फिल्मों में वे शाहरुख खान, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, आमिर खान, अजय देवगन जैसे सितारों के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आए.
• देवेन वर्मा का जन्म 23 अक्टूबर, 1937 को पुणे में हुआ था.
• देवेन वर्मा ने पुणे में ही अपनी शिक्षा पूरी की और कॉलेज की पढाई पूरी कर 1959 में मुंबई आ गए.
• देवेन वर्मा ने यश चोपड़ा की फिल्म 'धर्मपुत्र' (1961) से अभिनय की शुरुआत की, जो 2003 में प्रदर्शित 'कलकत्ता मेल' तक जारी रही.
• बी आर चोपड़ा की 'गुमराह' उनकी अगली फिल्म थी. ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'अनुपमा' के अलावा 'बहारें फिर भी आएंगी' से उन्हें प्रसिद्धि मिली .
• 'अंगूर', 'खट्टा मीठा', 'प्रोफेसर की पड़ोसन', 'नास्तिक', 'चोर के घर चोर' जैसी हास्य फिल्में देवेन की चचित फिल्में रहीं.
• देवेन वर्मा को 1976 में 'चोरी मेरा काम' के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.
• देवेन वर्मा को 'चोर के घर चोर' (1979) और 'अंगूर' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया.
• देवेन वर्मा ने 'नादान', 'बड़ा कबूतर', 'बेशर्म' और 'दाना-पानी' में भी काम किया.
• 'बेशर्म' में अमिताभ बच्चनऔर शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे.
• देवेन वर्मा ने नब्बे के दशक में 'चमत्कार'(1992), 'दिल तो पागल है'(1997), 'क्या कहना'(2000), 'दिल'(1990), 'इश्क'(1997), 'हलचल'(1995), 'दीवाना'(1992), 'अंदाज अपना-अपना' (1994) जैसी फिल्मों में भी काम किया. इन फिल्मों में वे शाहरुख खान, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, आमिर खान, अजय देवगन जैसे सितारों के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आए.

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