पूर्व विदेश सचिव निरपमा राव को भारत के पहले प्रधानमंत्री की 125वी जयंती से पहले जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप प्रदान की गयी. इसकी घोषणा 12
नवंबर 2014 को की गई. यह फेलोशिप जवाहरलाल
नेहरू मेमोरियल फंड द्वारा प्रदान की जाती है.
निरपमा राव इतिहास की राजनीति : भारत और चीन,
1949-1962 विषयक परियोजना पर शोधकार्य करेंगी.
निरपमा राव से संबंधित मुख्य तथ्य
1973 बैच की भारतीय सेवा की अधिकारी निरपमा राव अगस्त 2009 से जुलाई 2011 तक विदेश सचिव रही हैं. चोकिला अय्यर के बाद वह दूसरी महिला राजनयिक रहीं जो विदेश सचिव बनीं.
वह कई अहम पदों पर रहीं हैं और अमेरिका, चीन तथा श्रीलंका समेत कई देशों में भारत की राजदूत रही हैं.
विदेश मंत्रालय में कामकाज के अपने शुरूआती दिनों में निरपमा राव ने चीन के साथ भारत के संबंधों में विशेषज्ञता हासिल की थी.
वह 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ऐतिहासिक चीन यात्रा के दौरान उनके प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं.
निरपमा राव से संबंधित मुख्य तथ्य
1973 बैच की भारतीय सेवा की अधिकारी निरपमा राव अगस्त 2009 से जुलाई 2011 तक विदेश सचिव रही हैं. चोकिला अय्यर के बाद वह दूसरी महिला राजनयिक रहीं जो विदेश सचिव बनीं.
वह कई अहम पदों पर रहीं हैं और अमेरिका, चीन तथा श्रीलंका समेत कई देशों में भारत की राजदूत रही हैं.
विदेश मंत्रालय में कामकाज के अपने शुरूआती दिनों में निरपमा राव ने चीन के साथ भारत के संबंधों में विशेषज्ञता हासिल की थी.
वह 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ऐतिहासिक चीन यात्रा के दौरान उनके प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं.
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