मध्य क्षेत्र ने दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर 2 नवंबर 2014 को खेले गए फाइनल में दक्षिण क्षेत्र को
हराकर क्रिकेट का वर्ष 2014-15 की दिलीप ट्रॉफी का खिताब 9
रन से जीता. यह दस सत्रों में मध्य क्षेत्र का पहला दिलीप ट्रॉफी का
खिताब था और रन के मामले में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम अंतर की जीत थी.
मध्य क्षेत्र ने 10 वर्ष के बाद यह खिताब जीता. मध्य क्षेत्र
5वीं बार चैम्पियन बना.
मध्य क्षेत्र के 301 रन के लक्ष्य का
पीछा करते हुए दक्षिण क्षेत्र को अंतिम दिन 117 रन की जरुरत
थी जबकि उसके नौ विकेट शेष थे लेकिन स्पिन की अनुकूल पिच पर दक्षिण क्षेत्र ने 39
रन पर सात विकेट गंवा दिए. दक्षिण क्षेत्र की टीम एक समय तीन विकेट
पर 252 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन इसके बाद 88.4
ओवर में 291 रन पर ऑल आउट हो गई. दक्षिण
क्षेत्र के बल्लेबाज लोकेश राहुल को फाइनल में 185 और 130
रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया.
अंतिम स्कोर
• मध्य क्षेत्र - 276 और 403
• दक्षिण क्षेत्र - 379 और 291
दोनों टीमों के कप्तान
मध्य क्षेत्र : पीयूष चावला
दक्षिण क्षेत्र : विनय कुमार
दिलीप ट्रॉफी
भारतीय बोर्ड द्वारा महाराज दिलीप सिंह के नाम पर वर्ष 1961 में शुरू की गई इस प्रतियोगिता को सबसे अधिक 17 बार उत्तर क्षेत्र ने जीता है. जबकि 16 बार पश्चिम क्षेत्र, 12 बार दक्षिण क्षेत्र ने और अब तक सिर्फ एक बार वर्ष 2011-12 में यह खिताब पूर्व क्षेत्र ने जीता है.
अंतिम स्कोर
• मध्य क्षेत्र - 276 और 403
• दक्षिण क्षेत्र - 379 और 291
दोनों टीमों के कप्तान
मध्य क्षेत्र : पीयूष चावला
दक्षिण क्षेत्र : विनय कुमार
दिलीप ट्रॉफी
भारतीय बोर्ड द्वारा महाराज दिलीप सिंह के नाम पर वर्ष 1961 में शुरू की गई इस प्रतियोगिता को सबसे अधिक 17 बार उत्तर क्षेत्र ने जीता है. जबकि 16 बार पश्चिम क्षेत्र, 12 बार दक्षिण क्षेत्र ने और अब तक सिर्फ एक बार वर्ष 2011-12 में यह खिताब पूर्व क्षेत्र ने जीता है.
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