अग्नि-1 का सफल परीक्षण परमाणु कार्यक्रम की मजबूती की ओर बढ़ता कदम-(13-SEP-2014) C.A

| Saturday, September 13, 2014

ओडिशा स्थित व्हीलर द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के लॉंच पैड से एक मोबाइल लॉंचर के द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली, ठोस प्रणोदक चालित, एकल चरण मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण 11 सितंबर 2014 को किया गया. अपने साथ 1000 किलोग्राम तक का आयुध ले जा सकने वाली बारह टन वजनी और 15 मीटर लंबी अग्नि-1 मिसाइल 700 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है. इसमें विशेष निर्देशन प्रणाली लगी है जो सुनिश्चित करती है कि लक्ष्य पर बेहद सटीक निशाना लगे.
अब तक अग्नि-1 के पांच सफल परीक्षण हो चुके हैं और इस बार का परीक्षण सेना की ओर से किया गया. जब किसी रक्षा सामग्री या हथियार का सफल परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा हो जाता है और वह सामग्री या हथियार सेना के इस्तेमाल के काबिल हो जाता है, तो फिर सेना की ओर से उसका परीक्षण किया जाता है.

अग्नि-1 का विकास डीआरडीओ की प्रमुख मिसाइल विकास प्रयोगशाला एडवांस्ड सिस्टम्स लैबोरेटरी ने रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला और रक्षा केंद्र-इमारत के सहयोग से किया था और इसे भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद ने एकीकृत किया था. 

अग्नि-1 का पिछला सफल अभ्यास परीक्षण 12 अप्रैल 2014 को व्हीलर द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से ही हुआ था . यह पहला परीक्षण था जिसे सूर्यास्त के बाद किया गया था.

डीआरडीओ के पास कई उपलब्धियां हैं और भारत का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम तो निश्चय ही बड़ी उपलब्धि है. परन्तु परंपरागत हथियारों के मामले में डीआरडीओ का रिकॉर्ड बहुत खराब है और इसीलिए भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयात करने वाला देश है. भारत अपनी रक्षा जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत हथियार और उपकरण आयात करता है, जिनमें आम बंदूकें भी शामिल हैं. 

भारत में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शिक्षित जितने लोग हैं और जितना विशाल औद्योगिक क्षेत्र है, उनको देखते हुए यह सचमुच विचित्र बात लगती है. इसमें सिर्फ डीआरडीओ का दोष नहीं है, लेकिन उसे भी अपनी कार्य-संस्कृति सुधारने की जरूरत है. जिससे जल्दी ही अग्नि-5 और निर्भय मिसाइलों का सफल परीक्षण किया जाए. अगर डीआरडीओ अपने काम करने के अंदाज बदलाव लाए, तो भारत की रक्षा तैयारियों में यह क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है.

0 comments:

Post a Comment