आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 4 सितंबर 2014 को औपचारिक रूप से विजयवाड़ा को आंध्र
प्रदेश की नई राजधानी घोषित कर दिया. विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के मध्य में स्थित
है.
यह फैसला 1 सितंबर 2014
को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया जिसने तीन मेगा शहरों
और 14 स्मार्ट सिटी के साथ राज्य के विकेंद्रीकृत विकास का
सुझाव दिया था. यह राज्य के सभी लोगों द्वारा एक समान रूप से उपयोग किया जा सकेगा.
आंध्र प्रदेश आगामी दस वर्षों तक राजधानी हैदराबाद को
तेलंगाना के साथ साझा करेगा, उसके बाद उसकी
राजधानी विजयवाड़ा के आसपास होगी. राजधानी बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण पूलिंग
सिस्टम के जरिए किया जाएगा जिस पर मंत्रिमंडल की उप समिति काम करेगी.
विजयवाड़ा को राजधानी बनाने का फैसला नायडू ने शिवरामकृष्णन
समिति की विजयवाड़ा – गुंटूर क्षेत्र को राजधानी के लिए
सर्वश्रेष्ठ स्थान के विरोध करने के बावजूद किया. शिवरामकृष्णन समिति जमीन की उंची
कीमतों और कृषि भूमि की वजह से विजयवाड़ा को राजधानी बनाए जाने के खिलाफ थी.
समिति का विजयवाड़ा– गुंटूर– तेनाली– मंगलागिरी (वीजीटीएम) शहरी क्षेत्र में कई
सरकारी कार्यालयों को स्थापित करने के सख्त खिलाफ थी क्योंकि यह वित्तीय कारणों और
विकेंद्रीकृत विकास दोनों ही की दृष्टि से उचित नहीं था.
राज्य मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए अन्य फैसले
राज्य मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए अन्य फैसले
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आंध्र प्रदेश का सबसे बड़ा और
राजधानी के लिए सबसे आगे रहने वाले दावेदार शहर विशाखापत्तनम को मेगा सिटि बनाया
जाएगा.
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सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों, नए उद्योगों और फिल्म उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशाखापत्तनम में एक
नया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाया जाएगा.
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विशाखापत्तनम, विजयवाडा और तिरुपति में तीन मेट्रो रेल परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं.
पृष्ठभूमि
अप्रैल–मई 2014 में हुए विधानसभा चुनावों में नायडू के तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की जीत के बाद विजयवाड़ा– गुंटूर– तेनाली– मंगलागिरी (वीजीटीएम) क्षेत्र को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी बनाए जाने की उम्मीद थी.
अप्रैल–मई 2014 में हुए विधानसभा चुनावों में नायडू के तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की जीत के बाद विजयवाड़ा– गुंटूर– तेनाली– मंगलागिरी (वीजीटीएम) क्षेत्र को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी बनाए जाने की उम्मीद थी.
इन अटकलों के बाद विजयवाड़ा क्षेत्र में जमीन की कीमतें कुछ
ही महीनों में पचास लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर दस करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक
पहुंच गई.
विजयवाड़ा
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विजयवाड़ा कृष्णा जिले का सबसे बड़ा
शहर है.
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विजयवाड़ा का नाम शहर के विजया कनक
दुर्गा मंदिर पर रखा गया है.
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विजयवाडा एक व्यापारिक शहर के रूप
में विकसित किया गया है और केंद्रीय स्थान और व्यापारिक समुदाय की उपस्थिति के
कारण इसने कई धनी परिवारों को जन्म दिया है.
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