अमेरिका स्थित ‘यूनिवर्सिटी
ऑफ टेक्सास’ के वैज्ञानिकों ने मई 2014 के प्रथम सप्ताह में सूर्य के सामान एक नए तारे ‘एचडी
162826’ के पता चलने की पुष्टि की.
वैज्ञानिकों के अनुसार ‘एचडी 162826’
उसी प्रकार के गैस के बादल और धूलकणों से बना है, जिससे कि सूर्य का निर्माण हुआ है. यह तारा सूर्य से 15 प्रतिशत अधिक भारी है तथा यह पृथ्वी से 110 प्रकाश
वर्ष दूर ‘हरक्यूलिस’ तारामंडल में
स्थित है.
वैज्ञानिकों के अनुसार ‘एचडी 162826’ तारे को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता, लेकिन इसे कम शक्तिशाली दूरबीन से देखा जा सकता है. यह चमकीले तारे ‘वेगा’ के नजदीक स्थित है.
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के ‘इवान रामिरेज’ के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम द्वारा प्राप्त इस खोज परिणाम को अमेरिका से प्रकाशित शोध पत्रिका ‘एस्ट्रोफिजिक्स जरनल’ में प्रकाशित किया गया.
वैज्ञानिकों के अनुसार ‘एचडी 162826’ तारे को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता, लेकिन इसे कम शक्तिशाली दूरबीन से देखा जा सकता है. यह चमकीले तारे ‘वेगा’ के नजदीक स्थित है.
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के ‘इवान रामिरेज’ के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम द्वारा प्राप्त इस खोज परिणाम को अमेरिका से प्रकाशित शोध पत्रिका ‘एस्ट्रोफिजिक्स जरनल’ में प्रकाशित किया गया.
0 comments:
Post a Comment