कतर की दोहा बैंक ने 3 अप्रैल 2014
को भारत में अपनी पहली शाखा खोलने की घोषणा की. बैंक की यह शाखा
मुंबई के नरिमन प्वॉइन्ट पर खुलेगी. मुंबई की यह शाखा मई 2014 से पूर्ण बैंक के तौर पर काम करने लगेगी.
शुरुआत में, यह शाखा
ऑफ–ब्रांच बैंकिंग पर फोकस के साथ खुदरा और कॉरपोरेट बैंकिंग
सॉल्यूशंन्स ही प्रदान करेगी. दोहा बैंक ने तीसरे साल से 5 अरब
डॉलर की बैलेंस शीट का लक्ष्य रखा है. भारतीय रिजर्व बैंक से दोहा बैंक को भारत
में अपनी शाखा खोलने की इजाजत दिसंबर 2013 में दी थी.
दोहा बैंक पहले से ही 41 फीसदी
की ब्रोकरेज (दोहा ब्रोकरेज) पर चल रही है. बाकी की हिस्सेदारी भारत के कोच्ची के
स्थानीय मर्चेंट्स की है. अरब देशों के दो और बैंक – बैंक ऑफ
बहरीन एड कुवैत, आबू धाबी बैंक भारत में पहले से ही कार्य कर
रहे हैं.
दोहा बैंक के बारे में
दोहा बैंक कतर का सबसे बड़ा निजी वाणिज्यिक बैंक है. इसकी
स्थापना 1978 में हुई थी और दोहा में इसने घरेलू और
अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सेवा 1979 शुरु कर दी थी.
इस बैंक में कतर की सरकार की 16 फीसदी हिस्सेदारी है और दिसंबर 2013 में बैंक के पास
5 अरब ड़लर की बाजार पूंजी और 18.4 अरब
डॉलर मूल्य की परिसंपत्ति थी.
दोहा बैंक अपने व्यापार का 17 फीसदी विदेशी कारोबार से कमाता है और यह प्रेषण बाजार (रीमिटन्स मार्केट)
का प्रमुख खिलाड़ी है. इस बैंक की शाखाएं कुवैत, दुबई,
आबू धाबी और इसकी प्रतिनिधि कार्यालय सिंगापुर, तुर्की, जापान, चीन, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी,
ऑस्ट्रेलिया, हॉन्गकॉन्ग, दक्षिण कोरिया और शारजाह में है. दोहा बैंक समूह के मुख्य कार्यकारी
अधिकारी आर सीतारमन हैं.
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