भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मध्य पूंजी निवेश से संबंधित
मुद्दो के संबंध में गठित एक उच्चस्तरीय संयुक्त कार्य बल (एचएलटीएफआई) की दूसरी
बैठक 3 मार्च 2014 को
मुम्बई आयोजित की गयी. इस बैठक में दोनो देशों के 30 से अधिक
सरकारी एवं निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
उच्चस्तरीय संयुक्त कार्य बल (एचएलटीएफआई) की दूसरी बैठक में
निम्नलिखित विषयों पर प्रगति हुई:
• भारत में नीतिगत
पेट्रोलियम रिजर्व स्थापित करने हेतु सहयोग में तेजी लाने के लिए एक और संयुक्त
कार्य दल गठित करने का भी फैसला लिया गया.
• दोनों देशों में चरणबद्ध पूंजी निवेश के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के अनुबंध पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया.
• भारत में संयुक्त अरब अमीरात के मौजूदा पूंजी निवेश (इतीसलात, एमार और डीपी वर्ल्ड) से जुड़े लंबित मुद्दों के तीव्र समाधान के लिए एक कार्य योजना बनाने पर भी सहमति बनीं.
• संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय कंपनियों को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए संभावित पूंजी निवेश के बारे में बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया.
• दोनों देशों में चरणबद्ध पूंजी निवेश के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के अनुबंध पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया.
• भारत में संयुक्त अरब अमीरात के मौजूदा पूंजी निवेश (इतीसलात, एमार और डीपी वर्ल्ड) से जुड़े लंबित मुद्दों के तीव्र समाधान के लिए एक कार्य योजना बनाने पर भी सहमति बनीं.
• संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय कंपनियों को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए संभावित पूंजी निवेश के बारे में बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया.
एचएलटीएफआई
केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री अनिल शर्मा और आबुधाबी क्राउन
प्रिंस कोर्ट के चेयरमैन शेख हामिद बिन जायद अल नह्यान की संयुक्त अध्यक्षता में
दोनों देशों के बीच मौजूदा पूंजी निवेश से जुड़े आपसी मुद्दों पर विचार करने और
सीमा पार पूंजी निवेश को बढ़ावा और सुविधा प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में
अप्रैल, 2012 में एचएलटीएफआई गठित किया गया था.
No comments:
Post a Comment