युवा मामले और खेल मंत्रालय ने खेल रत्न, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार के लिए मानदंड जारी किये-(07-FEB-2014) C.A

| Friday, February 7, 2014
युवा मामले और खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने 3 जनवरी 2014 को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार के लिए चयन समिति द्वारा सुझाये गये मापदंडों को मंजूरी दे दी. अनुमोदन के अनुसार, सरकार अब ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल खेल और चार साल में एक बार आयोजित होने वाले विश्व कप/विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को 90 प्रतिशत वेटेज अनुदान देगी. विवादों से बचने के लिए और राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करने में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया.
इससे पहलेअर्जुन पुरस्कार प्रदान करने के लिए कुछ निश्चित उद्देश्यों के साथ समान मापदंडों को अनुमोदित किया गया था. राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के अनुदान की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य के साथ जनवरी 2014 में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने विभिन्न एजेंसियों द्वारा सर्वे कराया जिनके नाम हैं-

युवा मामले और खेल मंत्रालय
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई)
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा)
राज्य सरकारें, राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ)
खेल संवर्धन और नियंत्रण बोर्ड

राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से संबंधित मामलों की प्रक्रिया के लिए यह किया गया था जो कि चयन समिति के गठन के लिए नामांकन आमंत्रित करने के लिए शुरू किया गया. नये मानदंडों के रुप में मुख्य बिन्दु निम्नानुसार हैं.
क्रम संख्या
मापदंड
सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
खेल में उत्कृष्ट कोच के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार
खेल में आजीवन उपलब्धि के लिए ध्यानचंद पुरस्कार
1
ओलंपिक खेलों में (समर, विंटर और पैरालिम्पिक्स) , एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 4 साल में एक बार आयोजित विश्व कप / विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता के लिए छूट(वेटेज)





90%





90%





70%
2-

पात्र खिलाड़ी / कोच रखने के आकलन पर निगाह रखने के कारकों, जैसे-प्रोफाइल और खेल आयोजन के मानक जिसमें पदक जीता गया, चयन समिति द्वारा दिए गए नंबरो को वेटेज मि्लेगी.





10%





10%





30% **
3-
एक वर्ष में सामान्य रूप दिए जाने के लिए पुरस्कारों की संख्या
1 पुरस्कार
5 (5 में से 2 कोचिंग में आजीवन योगदान के लिए दिये जा सकते हैं)
3



वो खिलाड़ी जिन्होंने पदक जीता और जिन्हें पुरस्कार के लिए विचाराधीन कोच द्वारा प्रशिक्षित किया था. चिह्नित कोचिंग मापदंड आजीवन योगदान के लिए दिए जाने वाले 2 पुरस्कारों के लिए लागू नहीं होंगे. चयन समिति बेहतरीन खिलाडियों के निर्माण करने के मामले में, 20 साल या उससे अधिक अवधि तक कोचों द्वारा किए गए योगदान के लिए ऐसे दो कोचों के लिए अपनी सिफारिशें दे देगी.
• ** सक्रिय खेल से भविष्य में सेवानिवृत्ति होने के बाद खेल को बढ़ावा देने के लिए किए गए योगदान के मूल्यांकन के अंक जैसे-साहस, नेतृत्व , और अनुशासन की भावना शामिल हैं.
दिशानिर्देशों के अनुसार, लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार को छोड कर पदक जीतने के लिए अंक पिछले 4 साल के दौरान उसकी/उसके प्रदर्शन के लिए प्रत्येक पात्र खिलाड़ियों को दिया जाएगें. चयन समिति किसी भी अन्य खेल क्षेत्र/ टूर्नामेंट में समान निर्णय को समिती के अनुसार अंक आवंटित किये जाएंगे.
कुछ खेल जो ओलिंपिक / एशियाई खेलों / राष्ट्रमंडल खेलों के विषयों में शामिल नहीं हैं जैसे- क्रिकेट और स्वदेशी खेल, ईसके लिए  खिलाडि़यों / कोचों के प्रदर्शन / अंशदान के आधार पर चयन समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा.
एक विशेष खेल अनुशासन में, 2 से अधिक खिलाड़ियों के नाम नहीं होने चाहिए  (1 पुरुष और 1 महिला) और ऊपर तालिका में कहा गया कि मापदंड के अनुसार सबसे ज्यादा अंकों के साथ द्रोणाचार्य पुरस्कार के मामले में  2 कोचों के अधिक नाम नहीं होने पर नामों पर चयन समिति द्वारा विचार किया जाएगा.
चयन समिति राजीव गांधी खेल रत्न या ध्यानचंद पुरस्कार के लिए भी दिए गए मापदंड के अनुसार किसी भी योग्य खिलाड़ी का नाम की सिफारिश नहीं करने अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है . इन विशेष मामलों में समिति को लिखित रूप में अपने रुख के औचित्य को साबित करना होगा. चयन समिति की सिफारिशों को अंतिम निर्णय के लिए युवा मामले और खेल मंत्री के समक्ष रखा जाएगा. पत्रकारों / विशेषज्ञों / टिप्पणीकारों को अब खेल पुरस्कार के लिए चयन समिति में शामिल किया गया है.


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