उष्णकटिबंधीय तूफ़ान 'वन' के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं से श्रीलंका का पूर्वी तट प्रभावित-(07-JAN-2014) C.A

| Tuesday, January 7, 2014
उष्णकटिबंधीय तूफ़ान 'वन' के कारण 5 जनवरी 2014 को श्रीलंका का पूर्वी तट प्रभावित हुआ. तूफ़ान 'वन' के कारण 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली तेज हवाएँ चलीं जिससे पूर्वी तट स्थित त्रिंकोमली में जान-माल को नुकसान पहुंचा. ये तूफ़ानी हवाएं धीरे-धीरे जाफना की ओर बढ़ी गयीं.     

उष्णकटिबंधीय तूफ़ान/चक्रवात  

उष्णकटिबंधीय तूफ़ान एक तेजी से घूर्णन करने वाली चक्रवात-प्रणाली है, जिसमें एक कम दबाव वाला केंद्र, शक्तिशाली हवाएँ और तड़ित-झंझाओं की एक तेजी से घूमती लहर होती हैं. इसके कारण भारी बारिश होती है और इसका नाम उष्णकटिबंधीय तूफ़ान इसकी अवस्थिति और ताकत के आधार पर संदर्भित किया जाता है. चक्रवात/तूफ़ान गर्म पानी वाले विशाल स्रोतों से निर्मित होते हैं और महासागरीय सतह से वाष्पित होने वाले जल से ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जो फिर से बादलों के रूप में पुन: संघनित हो जाता है. ये बादल नम हवाओं के उठने और ठंडी होकर संतृप्त होने पर बरसते हैं. इनकी ऊर्जा इसकी अवस्थिति के आधार भिन्न-भिन्न होती है और यह मुख्यत: क्षैतिज तापमान-वैषम्यों से भड़कता है.          

उष्णकटिबंधीय तूफ़ान जोखिम (टीएसआर) 

उष्णकटिबंधीय तूफ़ान जोखिम (टीएसआर) अक्तूबर 1998 से जून 2000 तक चली यूके सरकार-समर्थित उष्णकटिबंधीय चक्रवात अनुमान पर मौसमी सुनामी पहल परियोजना से विकसित एक उद्यम है. टीएसआर कंसोर्शियम उष्णकटिबंधीय तूफ़ानों की मॉडलिंग और पूर्वानुमान तथा बीमा और जोखिम-प्रबंधन के विशेषज्ञों से लैस है. टीएसआर उष्णकटिबंधीय तूफ़ानों के संबंध में आधारभूत जोखिमगत जागरूकता पैदा करने और निर्णयकारिता में सहायता करने के लिए जानकारी और पूर्वानुमान उपलब्ध कराता है. टीएसआर ने दो प्रमुख बीमा उद्योग पुरस्कार जीते हैंजोखिम-प्रबंधन के लिए ब्रिटिश बीमा पुरस्कार (2006) और लंदन बाजार नवाचार के लिए ब्रिटिश बीमा पुरस्कार (2004) 

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