भारत ने दक्षिण सूडान में राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति का
आकलन करने के लिए अधिकारियों की एक टीम भेजने का फैसला 1 जनवरी 2014 को किया. वर्तमान में भारत जातीय संघर्ष
का सबसे बड़ा गवाह बनता दिख रहा है जिसमें अबतक कम से कम 1000 लोग मारे जा चुके हैं, जिसमें एक भारतीय सैनिक की
जिंदगी शामिल है जो वहां संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के रूप में काम कर रहा था.
भारत ने भारतीय नागरिकों को सलाह भी दी है कि वे दक्षिण सूडान की यात्रा न करे और देश में रह रहे नागरिकों से अनुराध किया है कि वे देश छोड़ दें.
अधिकारियों की टीम देश में भारतीय नागरिकों के साथ बातचीत करेगी और जुबा में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों के लिए व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करेगी.
टीम भी दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) के साथ इन मामलों पर चर्चा करेंगी. लगभग 2,000 भारतीय शांति सैनिक यूएनएमआईएसएस में सेवा कर रहे हैं.
यूएनएमआईएसएस (दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन)
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) का गठन 8 जुलाई 2011 को किया गया था. यह एक दृढ़ संकल्प के साथ बनाया गया था ताकि दक्षिण सूडान में संघर्ष कर रहे लोगों को बचाया जा सके.
यूएनएमआईएसएस का उद्देश्य शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दक्षिण सूडान गणराज्य के विकास के लिए शर्तों की स्थापना में मदद करना है. ये दक्षिण सूडान की सरकार की क्षमता को मजबूत करने और प्रभावी ढंग से और लोकतांत्रिक ढंग से नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है ताकि ये अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने में सफल हो सके.
यूएनएमआईएसएस 7000 तक सैन्य कर्मी स्थापित करता है जिसमें सैन्य संपर्क अधिकारियों सहित कर्मचारी अधिकारी भी शामिल हैं.
भारत ने भारतीय नागरिकों को सलाह भी दी है कि वे दक्षिण सूडान की यात्रा न करे और देश में रह रहे नागरिकों से अनुराध किया है कि वे देश छोड़ दें.
अधिकारियों की टीम देश में भारतीय नागरिकों के साथ बातचीत करेगी और जुबा में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों के लिए व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करेगी.
टीम भी दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) के साथ इन मामलों पर चर्चा करेंगी. लगभग 2,000 भारतीय शांति सैनिक यूएनएमआईएसएस में सेवा कर रहे हैं.
यूएनएमआईएसएस (दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन)
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) का गठन 8 जुलाई 2011 को किया गया था. यह एक दृढ़ संकल्प के साथ बनाया गया था ताकि दक्षिण सूडान में संघर्ष कर रहे लोगों को बचाया जा सके.
यूएनएमआईएसएस का उद्देश्य शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दक्षिण सूडान गणराज्य के विकास के लिए शर्तों की स्थापना में मदद करना है. ये दक्षिण सूडान की सरकार की क्षमता को मजबूत करने और प्रभावी ढंग से और लोकतांत्रिक ढंग से नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है ताकि ये अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने में सफल हो सके.
यूएनएमआईएसएस 7000 तक सैन्य कर्मी स्थापित करता है जिसमें सैन्य संपर्क अधिकारियों सहित कर्मचारी अधिकारी भी शामिल हैं.
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