भारत
और इंडोनेशिया के मध्य स्वास्थ्य, मादक पदार्थ
नियंत्रण और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में 6 सहमति
पत्रों पर जकार्ता में हस्ताक्षर 11 अक्टूबर 2013 को किए गए. ये समझौते स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, भ्रष्टाचार
से निपटने, मादक पदार्थो पर नियंत्रण, आपदा
प्रबंधन, प्रशासकों के प्रशिक्षण और मैत्रीपूर्ण, सहकारिता तथा सहयोगपूर्ण संस्थागत संबंधों को बढ़ावा देने से संबंधित हैं.
समझौता ज्ञापनों की सूची
1. स्वास्थ्य सहयोग पर भारत गणराज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
तथा इंडोनेशिया गणराज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन किया गया. इस
पर भारतीय पक्ष की ओर से विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से
डॉ नफसिया मबोई, स्वास्थ्य मंत्री ने हस्ताक्षर किए. इसके
तहत सूचना एवं विशेषज्ञों के आदान - प्रदान, प्रशिक्षण एवं
संयुक्त अनुसंधान के माध्यम से स्वास्थ्य एवं दवा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा
देना एवं विकसित करना जिसमें मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य, नर्सिंग,
परंपरागत औषधि, संचारी एवं गैर संचारी रोग,
स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी सूचना, अनुसंधान एवं
विकास, सक्रिया भेषज संघटक (एपीआई) और आईटी आधारित चिकित्सा
उपकरण, पर्यावरणीय एवं पेशागत स्वास्थ्य शामिल है.
2. भ्रष्टाचार से लड़ने पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भारत गणराज्य के
केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा इंडोनेशिया गणराज्य के कोमिसी पेम्बर्नटासन कोरूप्सी के
बीच समझौता ज्ञापन किया गया. इस पर भारतीय पक्ष की ओर से केंद्रीय सतर्कता आयुक्त
प्रदीप कुमार और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से कोमिसी पेम्बर्नटासन कोरूप्सी के
अध्यक्ष अब्राहम समद ने हस्ताक्षर किए. इसके तहत अध्ययनों, अनुसंधान
एवं सूचना के आदान - प्रदान एवं साझेदारी, प्रशिक्षण,
प्रचालनात्मक उपायों पर विशेषज्ञता के प्रोत्साहन के माध्यम से
अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सहयोगात्मक प्रयासों को सुदृढ़ करना एवं स्थापित करना,
जैसे कि आसूचना डाटा एकत्र करना, अन्वेषण,
अभियोजन, परस्पर कानूनी सहायता अनुरोध एवं
प्रत्यर्पण शामिल है.
3. स्वापक पदार्थों, दवाओं, मन:प्रभवी
पदार्थों तथा उनके पूर्ववर्तियों में अवैध व्यापार से निपटने पर भारत गणराज्य के
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो तथा इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रीय स्वापक बोर्ड के बीच
समझौता ज्ञापन किया गया. इस पर भारतीय पक्ष की ओर से इंडोनेशिया में भारत के
राजदूत गुरजीत सिंह और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से इंडोनेशियाई स्वापक नियंत्रण
बोर्ड प्रमुख अनंग इस्कंदर ने हस्ताक्षर किए. इसके तहत शामिल है. इसके तहत
कार्मिकों के आदान - प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण एवं
कार्यशाला के माध्यम से धन शोधन, मानव संसाधन विकास सहित
अन्वेषण में सहयोग, सूचना के आदान - प्रदान के माध्यम से
स्वापक औषधियों, मन:प्रभावी प्रदार्थों एवं उनके
पूर्ववर्तियों में अवैध व्यापार से निपटने में सहयोग बढ़ाना तथा सुविधा प्रदान
करना शामिल है.
4. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत गणराज्य के राष्ट्रीय आपदा
प्रबंधन प्राधिकरण और इंडोनेशिया गणराज्य की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के बीच
समझौता ज्ञापन किया गया. इस पर भारतीय पक्ष की ओर से इंडोनेशिया में भारत के
राजदूत गुरजीत सिंह और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से श्यामसुल मारिफ, प्रमुख, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने हस्ताक्षर
किए. इसमें सूचना के आदान - प्रदान, प्रशिक्षण तथा क्षमता
निर्माण के माध्यम से सहयोग विकसित करना जिसमें अनुसंधान परियोजनाओं की संयुक्त
आयोजना, विकास एवं कार्यान्वयन, वैज्ञानिक
एवं प्रौद्योगिकीय प्रकाशनों का आदान - प्रदान शामिल है.
5. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी,
भारत तथा राष्ट्रीय लोक प्रशासन संस्थान, जकार्ता,
इंडोनेशिया के बीच समझौता ज्ञापन किया गया. इस पर भारतीय पक्ष की ओर
से इंडोनेशिया में भारत के राजदूत गुरजीत सिंह और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से अगस
द्वियांटो, अध्यक्ष, एनआईपीए ने
हस्ताक्षर किए. इसमें सरकारी अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण के
क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना तथा प्रोत्साहित करना जिसमें सर्वोत्तम प्रथाओं
एवं ज्ञान की साझेदारी, अध्ययन दौरे, संयुक्त
पाठ्यक्रम, कार्यशालाएं, मंच एवं
सेमिनार शामिल हैं.
6. भारतीय विश्व मामले परिषद, भारत और इंडोनेशियाई
विश्व मामले परिषद, इंडोनेशिया के बीच समझौता ज्ञापन किया
गया. इस पर भारतीय पक्ष की ओर से राजीव कुमार भाटिया और इंडोनेशियाई पक्ष की ओर से
इब्राहिम युसुफ ने हस्ताक्षर किए. इसके तहत कूटनीति, संस्कृति,
अर्थव्यवस्था, व्यापार, शिक्षा,
अंतरराष्ट्रीय संबंध, विज्ञान, समाज विज्ञान, संचार एवं मीडिया के क्षेत्रों से
प्रख्यात व्यक्तियों को शामिल करते हुए वार्ता में सहायता के माध्यम से
मैत्रीपूर्ण, सहयोगात्मक एवं संस्थानिक संबंधों को बढ़ावा
देना शामिल है.
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