जर्मनी द्वारा भारत के हरित ऊर्जा
गलियारों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जानी है. इसमें कम ब्याज दरों पर 250 मिलियन यूरो की वित्तीय सहायता
शामिल है. इसी सहायता में तकनीकी सहायता भी शामिल है जो निम्नलिखित है:-
• हरित ऊर्जा गलियारें के नवीन घटक
भारत-जर्मनी ऊर्जा कार्यक्रम हेतु दो मिलियन यूरो
• भारतीय विद्युत प्रणाली (I-आरई) में नवीकरण ऊर्जा के समेकन हेतु दो मिलियन यूरो
• भारतीय विद्युत प्रणाली (I-आरई) में नवीकरण ऊर्जा के समेकन हेतु दो मिलियन यूरो
जर्मनी ने अगले 6 वर्षों के दौरान भारत-जर्मनी
द्विपक्षीय विकास सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना हेतु एक
बिलियन यूरो के रियायती ऋण देने की इच्छा जताई. अप्रैल 2013 में बर्लिन में आयोजित
भारत-जर्मनी सरकार वार्ता के दौरान इस पर चर्चा की गई.
सहायता से भारत को लाभ
हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना से
राष्ट्रीय ग्रिड में नवीकरण ऊर्जा को समाहित करने में सहायता प्राप्त होनी है.
इसमें पवन और सौर परियोजनाओं से मिलने वाली ऊर्जा से जुड़ी अंतर्राज्य और राज्य के
भीतर चलने वाली दोनों तरह की योजनाएं शामिल हैं.
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